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Memorandum submitted to DRM regarding Lokdhun (Image Source: Keertiman Media)
Memorandum submitted to DRM regarding Lokdhun (Image Source: Keertiman Media)
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Raipur News: रेलवे स्टेशनों पर गूंजेगी छत्तीसगढ़ी लोकधुन, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने रखी मांग

Raipur News: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपराओं, बोली-भाखा, खान-पान और पारंपरिक पहनावे को बढ़ावा देने की मांग को लेकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के DRM को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने रेलवे स्टेशनों पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीज-त्योहारों के दौरान पारंपरिक और प्रमाणित छत्तीसगढ़ी लोकगीत व लोकधुन बजाने की मांग रखी है।

रोशनी पटेल | कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 21 Sep 2026, 06:06 PM · अपडेट: 02 Nov 2026, 03:29 AM · 3 मिनट पढ़ने का समय
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AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Raipur News: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपराओं, बोली-भाखा, खान-पान और पारंपरिक पहनावे को बढ़ावा देने की मांग को लेकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के DRM को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने रेलवे स्टेशनों पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीज-त्योहारों के दौरान पारंपरिक और प्रमाणित छत्तीसगढ़ी लोकगीत व लोकधुन बजाने की मांग रखी है।
पार्टी का कहना है कि हरेली, पोरा, तीजा, भोजली, कर्मा, कुवार और चइत नवरात्र, देवारी, गौरा-गौरी, छेरछेरा और फागुन तिहार जैसे पर्व छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं। इसके अलावा बस्तर दशहरा, गुरु मेला गिरौदपुरी धाम और माता कौशल्या जयंती जैसे आयोजन भी प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा हैं।

यात्रियों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने की कोशिश

ज्ञापन में कहा गया है कि इन पर्वों के अवसर पर रेलवे स्टेशनों पर संबंधित त्योहारों के पारंपरिक लोकगीत और लोकधुन बजाए जाएं। इससे यात्रियों को छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। खासकर दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए यह प्रदेश की संस्कृति से परिचित होने का एक माध्यम बन सकता है। 

रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय संगीत को मिले जगह

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की संस्कृति से जुड़े गीत-संगीत बजाए जाते हैं। इसी तरह छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्योहारों के दौरान यहां की लोकधुनों और पारंपरिक गीतों को भी स्थान मिलना चाहिए। पार्टी के मुताबिक इससे स्थानीय लोगों में अपनी भाषा, संस्कृति और माटी के प्रति जुड़ाव की भावना और मजबूत हो सकती है।

कुवार नवरात्र में स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग

ज्ञापन में कुवार नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए विशेष ट्रेनों के संचालन की मांग भी रखी गई है। पार्टी ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले प्रमुख शक्ति पीठों और संबंधित रेल मार्गों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का आग्रह किया है। 

रायपुर मंडल के प्रमुख मार्गों पर भी सुविधा की मांग

पार्टी ने रायपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले रेलवे स्टेशनों और प्रमुख रेल मार्गों पर नवरात्र के दौरान यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों के संचालन की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इससे धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले यात्रियों को यात्रा में सहूलियत मिल सकती है।

1 नवंबर से व्यवस्था शुरू करने का आग्रह

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने विशेष रूप से मांग की है कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस, 1 नवंबर से रेलवे स्टेशनों पर छत्तीसगढ़ी लोकगीत और पारंपरिक लोकधुन बजाने की व्यवस्था शुरू की जाए। पार्टी ने इसे केवल स्थापना दिवस तक सीमित रखने के बजाय प्रदेश के प्रमुख तीज-त्योहारों के दौरान भी जारी रखने का आग्रह किया है।
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