महासमुंद राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और विशेष अभियानों के प्रभावी संचालन के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद द्वारा जिले के सभी अधिकार मित्रों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकार मित्रों को नालसा की योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना और आम नागरिकों तक नि:शुल्क विधिक सहायता पहुंचाना था।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में हुआ प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय परिसर स्थित वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र (एडीआर भवन) में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव आफरीन बानों ने किया। कार्यक्रम में बाल संप्रेक्षण गृह, सखी वन स्टॉप सेंटर, जिला जेल, ग्राम पंचायत लीगल एड क्लीनिक (बेमचा एवं पटेवा) तथा विभिन्न आरक्षी केंद्रों में कार्यरत अधिकार मित्र शामिल हुए।
नालसा हेल्पलाइन 15100 के प्रचार-प्रसार के दिए निर्देश
प्रशिक्षण के दौरान सचिव आफरीन बानों ने कहा कि अधिक से अधिक लोगों तक नालसा की टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी पहुंचाई जाए। उन्होंने बताया कि जो लोग किसी कारण विधिक सेवा केंद्र तक नहीं पहुंच सकते, वे इस हेल्पलाइन पर संपर्क कर पैनल अधिवक्ताओं से नि:शुल्क कानूनी सलाह प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने अधिकार मित्रों से कहा कि प्रत्येक गांव और जरूरतमंद व्यक्ति तक इस सुविधा की जानकारी पहुंचाना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
स्कूल, कॉलेज और गांवों में चलेंगे विधिक जागरूकता अभियान
इन योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
प्रशिक्षण में अधिकार मित्रों को नालसा की विभिन्न योजनाओं एवं अभियानों की जानकारी दी गई, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- जागृति योजना – सरल कानूनी शिक्षा, नुक्कड़ नाटक और हैंडबुक के माध्यम से कानूनी जागरूकता।
- नालसा संवाद – दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों तक न्याय सेवाओं की पहुंच मजबूत करना।
- वीर परिवार सहायता योजना – रक्षा एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके आश्रितों को नि:शुल्क कानूनी सहायता।
- नालसा डॉन अभियान – नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता, परामर्श और नशामुक्ति केंद्रों तक सहायता।
- मानव-वन्यजीव संघर्ष सहायता योजना – पीड़ितों को न्याय और मुआवजा दिलाने में सहयोग।
इन अभियानों पर भी किया गया फोकस
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकार मित्रों को नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी अभियानों की विस्तृत जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से आपसी सुलह-समझौते से मामलों का त्वरित निराकरण किया जाता है। वहीं जनचेतना अभियान के जरिए आम नागरिकों में कानूनी जागरूकता बढ़ाई जाती है। इसके अलावा हमर अंगना अभियान, करूणा अभियान के तहत वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सहायता तथा आसरा अभियान के माध्यम से बेसहारा एवं जरूरतमंद बच्चों को विधिक सहयोग उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। साथ ही नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों और कानूनी दायित्वों के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
इन अभियानों पर भी किया गया फोकस
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकार मित्रों को नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी अभियानों की विस्तृत जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से आपसी सुलह-समझौते से मामलों का त्वरित निराकरण किया जाता है। वहीं जनचेतना अभियान के जरिए आम नागरिकों में कानूनी जागरूकता बढ़ाई जाती है। इसके अलावा हमर अंगना अभियान, करूणा अभियान के तहत वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सहायता तथा आसरा अभियान के माध्यम से बेसहारा एवं जरूरतमंद बच्चों को विधिक सहयोग उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। साथ ही नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों और कानूनी दायित्वों के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
अधिकार मित्रों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के अंत में सचिव आफरीन बानों ने कहा कि अधिकार मित्र न्याय व्यवस्था और आम नागरिकों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि वे सक्रिय रूप से कार्य करेंगे तो जरूरतमंद लोगों तक समय पर नि:शुल्क कानूनी सहायता पहुंचाना और न्याय को अधिक सुलभ बनाना संभव होगा। उन्होंने सभी अधिकार मित्रों से अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाने और नालसा की योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।