Mahasamund News: ओडिशा से पंजाब और मध्य प्रदेश तक फैला गांजा तस्करी का नेटवर्क ध्वस्त, 3 तस्कर गिरफ्तार
Mahasamund News: पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मामलों में 26 किलो से अधिक गांजा जब्त किया है। कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए बिहार, पंजाब और मध्य प्रदेश तक फैले गांजा तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया। कुल 2 स्कूटी और 3 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
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कीर्तिमान न्यूज
02 Sep 2026, 07:58 AM
महासमुंद
Mahasamund News: जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने शिकंजा और कस दिया है। नशे के सौदागरों की कमर तोड़ने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत महासमुंद पुलिस को दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस ने ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते बिहार, पंजाब और मध्य प्रदेश तक गांजा सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांजा ढोने वाले 'करियर' से लेकर माल मंगवाने वाले मुख्य खरीदार (फॉरवर्ड लिंक) को धर दबोचा है। दोनों मामलों को मिलाकर पुलिस ने कुल 26 किलो से अधिक गांजा, 2 स्कूटी और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
स्कूटी में कर रहे थे गांजा तस्करी
जब्त कुल संपत्ति की कीमत 15 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। पहली बड़ी सफलता सिंघोड़ा थाना पुलिस को ओडिशा सीमा पर स्थित रेहटीखोल अंतरराज्यीय जांच चौकी पर मिली। पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध ओडिशा से दो अलग-अलग स्कूटी में गांजा छिपाकर छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने चेकपोस्ट पर सतर्कता बढ़ाई। कुछ ही देर में ओडिशा की तरफ से एक टीवीएस जुपिटर स्कूटी (OD 15 AG 0972) पहुंची। पुलिस ने घेराबंदी कर चालक को रोका।
डिक्की में रखे गांजें के 3 पैकेट जब्त
पूछताछ में उसने अपना नाम दीपक कुमार साहनी (31), निवासी नया टोला भांडवा, जिला गोपालगंज (बिहार) बताया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दीपक ने खुलासा किया कि वह कोई आम राहगीर नहीं, बल्कि पीछे आ रही दूसरी स्कूटी को रास्ता क्लियर देने के लिए 'पायलटिंग' कर रहा था और असली माल पीछे वाली स्कूटी में है। इसके तुरंत बाद पुलिस ने पीछे से आ रही दूसरी जुपिटर स्कूटी (CG 04 RB 3286) को रोका। इसका चालक विशाल शाह (23), निवासी चुरामणपट्टी, जिला पश्चिम चंपारण बेतिया (बिहार) निकला। जब स्कूटी की गहन तलाशी ली गई, तो उसमें से सफेद प्लास्टिक के थैले और डिक्की में छिपाकर रखे गए 3 पैकेट बरामद हुए।
तौले जाने पर पैकेटों से 18 किलोग्राम गांजा निकला, जिसकी बाजार कीमत लगभग 9 लाख रुपये है। आरोपी विशाल शाह ने कबूल किया कि वह ओडिशा से गांजा खरीदकर खुद बेचने के लिए पंजाब ले जा रहा था। पुलिस ने गांजा, दोनों स्कूटी और दो मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, जिनकी कुल कीमत 11 लाख 15 हजार रुपये है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पकड़ा गया मुख्य खरीददारदूसरे मामले में पकड़ा गया मुख्य खरीददार
दूसरी सफलता कोमाखान पुलिस को मिली, जहाँ 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत पुलिस ने केवल गांजा ले जाने वाले को ही नहीं पकड़ा, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क को खंगालते हुए ओडिशा से मध्य प्रदेश तक तार जोड़ दिए। मामला 25 अगस्त का है, जब कोमाखान चौखड़ी के पास चेकिंग के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि काली मंदिर के पास एक संदिग्ध व्यक्ति बस का इंतजार कर रहा है।
पहले ही पकड़ा गया कूरियर करने वाला
पुलिस ने घेराबंदी कर शिबु मुण्ड (27), निवासी जिला कालाहांडी (ओडिशा) को पकड़ा। उसके बैग से 8.290 किलोग्राम गांजा (कीमत 4.14 लाख रुपये) और एक मोबाइल बरामद हुआ था। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने शिबु से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बताया कि वह यह माल ओडिशा के जूनागढ़ से खरीदकर मध्य प्रदेश के मंडला जिले में रहने वाले अषाडु दास को देने जा रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस केवल कूरियर को पकड़कर शांत नहीं बैठी।
सुरागों की मदद से पकड़ाया गया मुख्य आरोपी
एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और कोमाखान पुलिस ने गांजे के 'सोर्स' और 'डेस्टिनेशन' पॉइंट की पड़ताल शुरू की। टेक्निकल डाटा एनालिसिस और सुरागों की मदद से महासमुंद पुलिस की टीम मध्य प्रदेश के मंडला जिले पहुंची। मंडला के बम्हनी बंजर थाना अंतर्गत घटिया गांव में दबिश देकर पुलिस ने मुख्य खरीदार (फॉरवर्ड लिंक) अषाडु दास (34) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से मोबाइल जब्त कर उसे भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए यह 'एंड-टू-एंड' कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।