Mahasamund News: मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी कराने वाले मुख्य सरगना समेत 5 आरोपी पकड़ाए, ₹1.48 करोड़ कैश बरामद
Mahasamund News: पुलिस ने मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने छापेमारी में 1.48 करोड़ रुपये नकद समेत कई दस्तावेज बरामद किए हैं।
प्रकाशित: 26 Sep 2026, 07:59 AM· 3 मिनट पढ़ने का समय
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Mahasamund News: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी कराने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले के मुख्य मास्टरमाइंड ठेकेदार समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले की शुरुआत 21 सितंबर 2026 को आदित्य हॉस्पिटल एवं मैटरनिटी होम से प्राप्त एक चिकित्सीय मेमो से हुई। जांच के दौरान जब पुलिस ने पीड़िता और उसके भाई लुकेश पटेल (19 वर्ष, निवासी लोहारगांव, थाना खल्लारी) के बयान दर्ज किए, तो पूरे रैकेट की भयावह परतें खुलती चली गईं।
कर्ज के जाल में फंसाकर बनाते थे बंधुआ मजदूर
जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना ठेकेदार मुकेश चंद्राकर है, जो ओडिशा के नुआपाड़ा जिले का रहने वाला है। वह महासमुंद और सीमावर्ती इलाकों में दलालों का नेटवर्क चलाकर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाता था। जनवरी 2026 में आरोपी मुकेश चंद्राकर ने पीड़ित परिवार को 40,000 रुपये का एडवांस देकर ऋण-जाल में फंसा लिया। इसके बाद डरा-धमकाकर पूरे परिवार को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले (थाना असनदरा क्षेत्र) स्थित अंशुमान सिंह के 'सिंह ब्रिक्स' ईंट भट्ठे पर बंधुआ मजदूरी के लिए भेज दिया गया।
13 घंटे काम, नाबालिग से अत्याचार और यौन शोषण
ईंट भट्ठे पर पीड़ित परिवार को अमानवीय स्थितियों में रखा गया। उन्हें बाहर जाने या किसी से संपर्क करने की इजाजत नहीं थी। आरोपियों द्वारा परिजनों से रोजाना सुबह 11 बजे से देर रात 12 बजे तक (13 घंटे) जबरन काम कराया जाता था। हैरान करने वाली बात यह है कि इस शोषण में 15 वर्षीय नाबालिग पीड़िता को भी नहीं बख्शा गया। जब पीड़िता के भाई लुकेश ने बीमार नाना की देखभाल के लिए घर लौटने की गुहार लगाई, तो सरगना ने शर्त रखी कि उसकी अनुपस्थिति में उसकी नाबालिग बहन भट्ठे पर काम करेगी। इसी दौरान भट्ठे के एक जेसीबी चालक अनूप कुमार द्वारा नाबालिग पीड़िता के साथ शारीरिक शोषण करने की बात भी सामने आई है।
प्रेस कांफ्रेसछापेमारी में डेढ़ करोड़ कैश और नोट गिनने की मशीन जब्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए खल्लारी पुलिस ने धारा 143(2), 143(3), 143(4) और 3(5) बीएनएस (BNS) के तहत अपराध दर्ज किया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित टीमों ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा स्थित आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ रेड मारी।
पुलिस द्वारा जब्त की गई संपत्ति:
नकद राशि: ₹1,48,54,750 (एक करोड़ अड़तालीस लाख चौव्वन हजार सात सौ पचास रुपये)
मशीन: नोट गिनने की मशीन
दस्तावेज: मजदूर पलायन संबंधी रजिस्टर/डायरी, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मॉर्टगेज स्टाम्प पेपर
अन्य: विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन
गिरफ्तार किए गए आरोपी:
मुकेश चंद्राकर (50 वर्ष) – पिता: सोनू राम चंद्राकर, निवासी: बेलटुकरी, नुआपाड़ा (ओडिशा) — मुख्य सरगना
पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में शामिल अन्य संदिग्धों और ईंट भट्ठा प्रबंधन की भूमिका की जांच जारी है।