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MP intern doctors protest in Bhopal (Image Source: Keertiman Media)
MP intern doctors protest in Bhopal (Image Source: Keertiman Media)
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MBBS Intern Doctors Protest: भोपाल में चक्काजाम, अस्पतालों में ओपीडी ठप होने से भटक रहे मरीज

MBBS Intern Doctors Protest: मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन तेज हो गया है। भोपाल समेत कई जिलों में OPD सेवाएं प्रभावित हुईं, जबकि जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन भी समर्थन में उतर आया है।

कीर्तिमान न्यूज
08 Sep 2026, 02:05 PM
भोपाल
MBBS Intern Doctors Protest: स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की अपनी बरसों पुरानी मांग को लेकर भोपाल में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। मंगलवार सुबह तक चले इस विरोध-प्रदर्शन का व्यापक असर पूरे मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिल रहा है। राजधानी समेत कई जिलों के बड़े अस्पतालों में ओपीडी (OPD) सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिसके कारण दूर-दराज से आए मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को गुस्साए डॉक्टरों ने भोपाल की सड़कों पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते शहर के मुख्य मार्गों पर कई किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और आम जनता घंटों जाम में फंसी रही। 

ऑपरेशन थिएटर का पूरी तरह से बहहष्कार 

डॉक्टरों के इस कड़े रुख की मुख्य वजह बीते दिनों मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च के दौरान पुलिस द्वारा किया गया बल प्रयोग है। प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन चलाने और लाठीचार्ज करने की घटना से डॉक्टरों का आक्रोश और बढ़ गया है। मामले को उस वक्त और बल मिला जब जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) भी इंटर्न्स के पक्ष में मैदान में उतर आया। मंगलवार को भोपाल के सबसे बड़े हमीदिया अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों ने नियमित ओपीडी और इलेक्टिव (सामान्य) ऑपरेशन थिएटर का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया। 

आपातकालीन सेवाएं फिलहाल चालू 

हालांकि, राहत की बात यह है कि मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाएं फिलहाल चालू रखी गई हैं। इसके बावजूद अस्पताल परिसर में इलाज के लिए आए मरीज और उनके परिजन बेबस नजर आ रहे हैं। आंदोलन को शांत कराने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधियों से बातचीत हुई है और वे मुख्यमंत्री मोहन यादव से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री के लौटते ही स्टाइपेंड बढ़ाने के विषय पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। 

आश्वासन ना मिलने तक लड़ाई जारी

दूसरी ओर, आंदोलनकारी डॉक्टरों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक और ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। फिलहाल दोनों पक्षों के अड़े रहने से स्थिति संभलती नजर नहीं आ रही है।

क्या हैं डॉक्टरों की मुख्य मांगें?

  • स्टाइपेंड में संशोधन: इंटर्न्स का कहना है कि वे बीते कई सालों से बेहद पुराने मानदेय पर दिन-रात काम कर रहे हैं, जिसमें तत्काल बढ़ोतरी की जानी चाहिए।

  • आधिकारिक मध्यस्थता: सरकार का कोई अधिकृत प्रतिनिधि सीधे तौर पर टेबल पर बैठकर उनसे वार्ता करे।

  • कार्रवाई से सुरक्षा: शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुए पुलिस बल प्रयोग की जवाबदेही तय हो और डॉक्टरों पर किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

उपमुख्यमंत्री ने मामले की निष्पक्ष जांच के दिए आदेश 

प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल पर भोपाल पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर के अनुसार, बीते दिन की गई कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के तहत हुई थी। हालांकि, इंटर्न्स द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों को ध्यान में रखते हुए, उपमुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर के निर्देशों पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जेडीए ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों का ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक नियमित सेवाओं का बहिष्कार जारी रहेगा।
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