सांसद रूपकुमारी चौधरी के मुख्य आतिथ्य एवं कलेक्टर तथा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद समिति की बैठक आज जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में बसना विधायक संपत अग्रवाल, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली विधायक चातुरीनंद, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, जनपद एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष, प्रतिनिधि, सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार एवं अपर कलेक्टर रवि साहू भी मौजूद रहे।
बैठक में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 (संशोधन 2025) के प्रावधानों के अनुसार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों की अद्यतन सूची पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने नियमों के अनुरूप प्रभावित क्षेत्रों के विकास कार्यों की प्राथमिकताओं एवं भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया।
आय-व्यय समीक्षा, वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी
शासी परिषद ने न्यास की आय-व्यय स्थिति की समीक्षा करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लेखा परीक्षण तथा वार्षिक कार्य योजना का अनुमोदन किया। बैठक में वित्तीय प्रबंधन, निधियों के उपयोग और आगामी योजनाओं के लिए आवश्यक बजट प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। अपर कलेक्टर रवि साहू ने बेसलाइन सर्वेक्षण एवं पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि डीएमएफ निधि का 70 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पोषण और आजीविका जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में तथा शेष 30 प्रतिशत अन्य प्राथमिकता वाले सेक्टरों में व्यय किया जाएगा। बैठक में डीएमएफ निधियों पर लागू प्रतिबंधों एवं दिशा-निर्देशों से भी सदस्यों को अवगत कराया गया। बताया गया कि यदि कोई परियोजना खनन प्रभावित लोगों के हित में हो, लेकिन उसका दायरा जिले की भौगोलिक सीमा से बाहर तक विस्तारित हो, तो उसे राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति मिलने के बाद ही डीएमएफ मद से प्रारंभ किया जा सकेगा। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी परिस्थिति में डीएमएफ की राशि एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित नहीं की जाएगी।खनिज भंडार पर चर्चा
खनिज भंडार पर चर्चा
खनिज विभाग ने जानकारी दी कि जिले में फर्शी पत्थर, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, ग्रेनाइट, मुरूम और साधारण रेत का उत्पादन किया जा रहा है। विभाग ने यह भी बताया कि भालूकोना एवं जामनीडीह क्षेत्र में निकिल, क्रोमियम तथा पीजीई (प्लेटिनम ग्रुप एलिमेंट्स) के संभावित भंडार मिलने की संभावना है, जिस संबंध में आवश्यक कार्रवाई जारी है। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में नई योजनाओं के लिए 165.55 लाख रुपए की राशि उपलब्ध है। इसके आधार पर लगभग 585 लाख रुपए के विभिन्न सेक्टरों से जुड़े विकास कार्यों का अनुमोदन किया गया, जिससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को गति मिलेगी।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीएमएफ निधि का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने और आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।