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Meta के खिलाफ अमेरिका में मुकदमा
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Meta पर अमेरिका में बड़ा मुकदमा, Instagram की लत को लेकर गंभीर आरोप

अमेरिका में Meta के खिलाफ 29 राज्यों ने मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि कंपनी को Instagram के बच्चों और किशोरों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव की जानकारी थी, फिर भी उसने जरूरी बदलाव नहीं किए। मामले में बच्चों के निजी डेटा के इस्तेमाल का मुद्दा भी शामिल है।

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प्रकाशित: 20 Aug 2026, 10:54 AM · अपडेट: 02 Oct 2026, 04:25 PM
गैजेट डेस्क
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
अमेरिका में सोशल मीडिया कंपनी मेटा के खिलाफ एक बड़ा मुकदमा शुरू हो गया है। कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में चल रही सुनवाई में 29 राज्यों के वकीलों ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि उसने Instagram के युवाओं और किशोरों पर पड़ने वाले नकारात्मक असर से जुड़ी अपनी ही आंतरिक रिसर्च को सार्वजनिक होने से रोका। 
मामले की शुरुआती दलील में कैलिफोर्निया की डिप्टी अटॉर्नी जनरल मेगन ओ'नील ने कहा कि मेटा को अपने प्लेटफॉर्म के फीचर्स से बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित नुकसान की जानकारी थी। इसके बावजूद कंपनी ने ऐसे बदलाव नहीं किए, जिनसे इन जोखिमों को कम किया जा सकता था। 

आंतरिक दस्तावेजों का दिया गया हवाला

राज्यों की ओर से अदालत में पेश किए गए तर्कों में मेटा के आंतरिक दस्तावेजों का भी उल्लेख किया गया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इन दस्तावेजों में कम उम्र के यूजर्स को लेकर कंपनी की रणनीति और Instagram की लत लगाने वाली प्रकृति पर चर्चा की गई थी। वकीलों ने ऐसे दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि कंपनी को यह समझ थी कि किशोर लंबे समय तक प्लेटफॉर्म से जुड़े रहते हैं और इसके इस्तेमाल का उनकी भावनाओं पर भी असर पड़ सकता है। यह मामला सिर्फ सोशल मीडिया की लत तक सीमित नहीं है। 

बच्चों के डेटा को लेकर भी सवाल

अक्टूबर 2023 में दायर 233 पन्नों की याचिका में बच्चों के डेटा और गोपनीयता से जुड़े आरोप भी लगाए गए थे। राज्यों का आरोप है कि मेटा ने माता-पिता की अनुमति के बिना 13 साल से कम उम्र के बच्चों से जुड़ा निजी डेटा एकत्र किया। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियां अमेरिकी संघीय और राज्य स्तर के गोपनीयता कानूनों का उल्लंघन करती हैं। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने अपने कारोबारी हितों को प्राथमिकता देते हुए ऐसे फीचर्स को हटाने या उनमें पर्याप्त बदलाव करने से परहेज किया, जिनसे बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ सकता था। यह मुकदमा अगले छह से आठ सप्ताह तक चलने की संभावना है। 

200 अरब डॉलर तक के जुर्माने का दावा

यदि अदालत मेटा के खिलाफ फैसला सुनाती है, तो कंपनी पर 200 अरब डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा अदालत कंपनी को अपने प्लेटफॉर्म के डिजाइन और फीचर्स में बदलाव करने का निर्देश भी दे सकती है, ताकि बच्चों और किशोरों के लिए इन्हें अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। मेटा ने राज्यों की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। कंपनी के वकील पॉल श्मिट ने अदालत में कहा कि पेश किए गए आंतरिक ईमेल और दस्तावेजों को पूरे संदर्भ के साथ नहीं देखा गया है। 
मेटा का कहना है कि राज्यों के वकीलों ने चुनिंदा दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और उन्हें उस संदर्भ से अलग करके पेश किया, जिसमें वे मूल रूप से तैयार किए गए थे। अब अदालत में दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर यह तय होगा कि कंपनी ने कानून का उल्लंघन किया है या नहीं।
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