MLC Election Results: 4 राज्यों के विधान परिषद चुनावों में बीजेपी की जबरदस्त धमक, बिहार में अनंत सिंह के सियासी दांव पर लगा करारा झटका
MLC Election Results: उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की विधान परिषद (MLC) सीटों के चुनाव परिणामों में भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के प्रदर्शन की चर्चा रही। बिहार में अनंत सिंह के समर्थित उम्मीदवार की हार और जदयू नेता नीरज कुमार की जीत ने सियासी हलचल बढ़ाई। इन नतीजों ने राज्यों में क्षेत्रीय समीकरणों, दलों की ताकत और स्थानीय राजनीतिक प्रभाव को फिर चर्चा में ला दिया।
MLC Election Results: देश के चार प्रमुख राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र—की 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों के चुनाव परिणामों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इन नतीजों में
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है, वहीं कई राज्यों में क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी चौंकाने वाले आंकड़े दर्ज किए हैं। इन चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा बिहार के सियासी रण की हो रही है, जहां बाहुबली नेता अनंत सिंह का एक दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया।
बिहार का सियासी ड्रामा: अनंत सिंह का उलटफेर और जेडीयू की बड़ी जीत
बिहार की राजनीति में अपनी खास पैठ रखने वाले बाहुबली नेता अनंत सिंह के लिए यह चुनाव किसी झटके से कम नहीं रहा। पटना सीट पर अनंत सिंह ने पार्टी गाइडलाइन के खिलाफ जाकर जनसुराज समर्थित उम्मीदवार का खुलकर साथ दिया था। इस बगावती तेवर के चलते उन्हें जेडीयू से बाहर का रास्ता भी देखना पड़ा था। हालांकि, जब चुनाव के नतीजे सामने आए, तो वह किसी पटकथा से कम नहीं थे। अनंत सिंह द्वारा समर्थित उम्मीदवार को हार का मुंह देखना पड़ा, जबकि जेडीयू के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार ने शानदार जीत हासिल की। इस
सियासी उलटफेर की गूंज इस वक्त पूरे सूबे में सुनाई दे रही है और राजनीतिक विश्लेषक इसके दूरगामी परिणाम मान रहे हैं।
राज्योंवार चुनावी परिणाम एक नजर में
इस बार कुल 28 सीटों पर चुनाव हुए, जिनमें यूपी से 11, बिहार से 8, महाराष्ट्र से 5 और कर्नाटक से 4 सीटें शामिल थीं। इन मुकाबलों में बीजेपी का दबदबा साफ नजर आया, जबकि विपक्षी दलों और निर्दलियों ने भी कुछ सीटों पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। कांग्रेस के खाते में एक सीट आई, तो वहीं उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने कड़ा मुकाबला पेश किया। आइए जानते हैं कि किस राज्य में कौन सा उम्मीदवार बाजी मारने में कामयाब रहा:
1. उत्तर प्रदेश (11 सीटें)
यूपी में सत्ताधारी बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
मेरठ: दिनेश कुमार गोयल (भाजपा)
आगरा: डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ‘गुरु जी’ (भाजपा)
गोरखपुर-फैजाबाद: ध्रुव कुमार त्रिपाठी (भाजपा)
बरेली-मुरादाबाद: डॉ. हरी सिंह ढिल्लो (भाजपा)
मेरठ (दूसरी सीट): श्रीचन्द शर्मा (भाजपा)
इलाहाबाद-झांसी: डॉ. मान सिंह यादव (सपा)
लखनऊ: उमेश द्विवेदी (सपा)
वाराणसी: लाल बिहारी यादव (सपा)
आगरा (स्नातक/अन्य): डॉ. आकाश अग्रवाल (सपा)
लखनऊ स्नातक सीट: कांति सिंह (सपा)
वाराणसी स्नातक सीट: आशुतोष सिन्हा (सपा)
2. बिहार (8 सीटें)
बिहार के चुनावी नतीजों में एनडीए के साथ-साथ जनसुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपने पैर पसारे।
कोसी: डॉ. एनके यादव (भाजपा)
दरभंगा: डॉ. सुरेश प्रसाद राय (जनसुराज)
तिरहुत: नरेंद्र प्रसाद सिंह (भाजपा)
पटना: डॉ. संजीव सिंह (राजद)
सारण: राहुल राज (निर्दलीय)
पटना स्नातक सीट: नीरज कुमार (जदयू)
तिरहुत स्नातक सीट: बंशीधर ब्रजवासी (निर्दलीय)
दरभंगा स्नातक सीट: सर्वेश कुमार (भाजपा)
3. कर्नाटक (4 सीटें)
दक्षिण के इस राज्य में बीजेपी ने अच्छी बढ़त बनाई, वहीं जेडीएस ने भी अपनी पकड़ मजबूत रखी।
बेंगलुरु: एपी रंगनाथ (जनता दल सेक्युलर - JDS)
उत्तर-पूर्व: शशील जी. नमोशी (भाजपा)
दक्षिण-पूर्व: केएम सुरेश (भाजपा)
पश्चिम: एसवी संकनूर (भाजपा)
4. महाराष्ट्र (5 सीटें)
महाराष्ट्र की राजनीतिक सरगर्मी के बीच महायुति और एमवीए के बीच दिलचस्प मुकाबला रहा।
नागपुर डिवीजन: अभिजीत वंजारी (कांग्रेस)
पुणे स्नातक सीट: हर्षदा देशमुख (महाआघाड़ी)
अमरावती: किरण सरनाईक (शिवसेना - शिंदे गुट)
पुणे शिक्षक सीट: कौस्तुभ गावडे (भाजपा)
छत्रपति संभाजी नगर: डॉ. प्रतापसिंह पाटील (महा विकास अघाड़ी - MVA)
इन परिणामों से यह साफ हो गया है कि भले ही मुख्य पार्टियों ने अपना प्रभाव बनाए रखा हो, लेकिन स्थानीय समीकरण और बगावतें कई जगह गेमचेंजर साबित हुईं। आने वाले दिनों में इन चुनावों के नतीजे क्षेत्रीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।