बैठक के दौरान कलेक्टर ने ग्रंथालय के सुचारू संचालन के लिए समिति सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में जिला ग्रंथालय का संचालन इस तरह किया जाएगा कि विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। बैठक में शासकीय दिशा-निर्देशों के साथ जनभागीदारी मॉडल पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मानव संसाधन और तैयारियों की समीक्षा
बैठक में ग्रंथालय संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधनों का आकलन किया गया। साथ ही उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रंथालय शुरू करने से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तीन दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएं, ताकि 15 अगस्त तक इसका संचालन प्रारंभ किया जा सके और विद्यार्थियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। बैठक में अपर कलेक्टर रवि साहू सहित शिक्षा विभाग, वित्त विभाग, हाउसिंग बोर्ड, नगर पालिका और पंजीयन विभाग के जिला अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर आवश्यक कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।6.66 करोड़ की लागत से बना आधुनिक ग्रंथालय
महासमुंद नगर के कचहरी परिसर के पास 3328.20 वर्गमीटर क्षेत्र में लगभग 6.66 करोड़ रुपए की लागत से 500 सीटों वाला जिला ग्रंथालय बनाया गया है। इसका निर्माण कार्य अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ था। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस भवन को विद्यार्थियों और पाठकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जिला ग्रंथालय में ई-लाइब्रेरी, विशाल अध्ययन कक्ष, आधुनिक सुविधाओं से युक्त अन्य कक्ष और प्रथम तल पर ओपन कैफेटेरिया की व्यवस्था की गई है। सामान्य नागरिकों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए दोनों मंजिलों पर अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं। इसके अलावा प्रथम तल पर 13 व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स भी विकसित किए गए हैं।