Monsoon Hair Fall Control: बरसात का मौसम शुरू होते ही कई लोगों को बाल झड़ने की शिकायत होने लगती है। कंघी करते या शैम्पू के दौरान हाथ में बालों का गुच्छा देखकर चिंता होना स्वाभाविक है। हालांकि, हर बार बालों का गिरना किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। मौसम, नमी, स्कैल्प की स्थिति, खानपान और तनाव सहित कई कारण इसके पीछे हो सकते हैं।
आमतौर पर एक दिन में 50 से 100 बालों का झड़ना सामान्य हेयर ग्रोथ साइकिल का हिस्सा माना जाता है। पुराने बाल गिरते हैं और उनकी जगह नए बाल उगते हैं। लेकिन यदि लगातार सामान्य से अधिक बाल गिर रहे हों या बालों का घनत्व कम होता दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी रोजाना 50 से 100 बालों के गिरने को सामान्य प्रक्रिया मानती है।
मानसून में स्कैल्प की चिपचिपाहट बढ़ना
बरसात में वातावरण की नमी और पसीने के कारण स्कैल्प लंबे समय तक चिपचिपा रह सकता है। इसके साथ तेल और गंदगी जमा होने से स्कैल्प में खुजली तथा असहजता बढ़ सकती है। नियमित और सही तरीके से सिर की सफाई नहीं करने पर समस्या अधिक परेशान कर सकती है।
इन लक्षणों पर तुरंत दें ध्यान
अगर बालों की मांग पहले से चौड़ी दिखाई देने लगे, स्कैल्प साफ नजर आए या सिर पर गोल आकार के खाली पैच बनने लगें, तो यह सामान्य हेयर फॉल से अलग स्थिति हो सकती है। स्कैल्प पर लगातार खुजली, लालपन, पपड़ी, दर्द या दाने होने पर भी त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।डैंड्रफ और स्कैल्प इंफेक्शन का खतरा
नमी वाली परिस्थितियों में कुछ लोगों में डैंड्रफ या स्कैल्प से जुड़ी दूसरी समस्याएं बढ़ सकती हैं। खुजली के कारण बार-बार सिर खुजलाने से जड़ों के आसपास जलन और सूजन हो सकती है। स्कैल्प इंफेक्शन होने पर पपड़ी, लालपन और कुछ हिस्सों में बाल कम होने जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
नमी से बाल हो सकते हैं कमजोर
मानसून में बाल अतिरिक्त नमी के संपर्क में आकर उलझे और बेजान दिखाई दे सकते हैं। गीले या उलझे बालों पर जोर से कंघी करने से उनके टूटने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए बालों को तौलिए से रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से सुखाना और चौड़े दांतों वाली कंघी इस्तेमाल करना बेहतर रहता है।सही शैम्पू का चुनाव है जरूरी
बालों और स्कैल्प की प्रकृति के अनुसार माइल्ड शैम्पू चुनना चाहिए। बहुत अधिक रूखापन या जलन पैदा करने वाले उत्पादों से बचें। बालों को जरूरत के अनुसार धोएं, क्योंकि लंबे समय तक पसीना, तेल और गंदगी जमा रहने से खुजली तथा डैंड्रफ बढ़ सकता है।
डैंड्रफ में मेडिकेटेड शैम्पू हो सकता है उपयोगी
डैंड्रफ होने पर केटोकोनाजोल, जिंक पाइरिथियोन या सैलिसिलिक एसिड जैसे तत्वों वाला शैम्पू मददगार हो सकता है। उत्पाद को कितनी बार और कितने समय तक इस्तेमाल करना है, यह लेबल पर दिए निर्देश या डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय करें।