मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा शुरू किए गए ‘मोर गांव मोर पानी’ महाभियान के तहत प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर लगातार काम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कोरिया जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने भी जल संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में बड़े स्तर पर कार्य किया है।
जिले के दोनों जनपद पंचायत क्षेत्रों में पिछले दो वर्षों के दौरान 93 पुराने तालाबों का सुधार और पुनरुद्धार कार्य पूरा किया गया है। इन तालाबों में गहरीकरण, इनलेट और आउटलेट सुधार सहित कई जरूरी काम कर इन्हें नए स्वरूप में तैयार किया गया है।
तालाबों से किसानों और महिलाओं को मिलेगा लाभ
पुनर्जीवित किए गए इन तालाबों में बारिश का पानी जमा होने से अब ये ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बहुउपयोगी जल संसाधन बन गए हैं। इससे जहां किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी, वहीं महिलाओं और ग्रामीण समूहों के लिए आजीविका के नए अवसर भी तैयार होंगे। इन जलस्रोतों के माध्यम से आसपास की कृषि भूमि को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी, जिससे खेती को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
तालाब निर्माण कार्यों से मिला रोजगार
7 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से हुए काम
कोरिया जिले में पिछले दो वित्तीय वर्षों में 93 तालाबों के सुधार कार्यों को मंजूरी दी गई थी, जिन्हें अब पूरा कर लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 72 तालाबों के पुनरुद्धार के लिए 602 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 21 तालाबों के सुधार कार्य के लिए 184 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई। इस तरह पिछले दो वर्षों में कुल 7 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से जल संसाधनों को मजबूत करने का काम किया गया है।
सिंचाई के साथ मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा
ग्रामीण जीवन में तालाबों की अहम भूमिका
कलेक्टर कोरिया रोक्तिमा यादव ने कहा कि तालाब ग्रामीण जीवन का पारंपरिक और महत्वपूर्ण जल स्रोत रहे हैं। पुराने समय से ही ये जल संरक्षण के साथ सामाजिक सहभागिता के केंद्र भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि तालाबों के बेहतर उपयोग से सिंचाई, मत्स्य पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे महिलाओं को अतिरिक्त आय के साधन मिलेंगे और आसपास के क्षेत्रों में भूजल स्तर बेहतर होने के साथ पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा।