राजधानी के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित छत्तीसगढ़ नगर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। शुक्रवार दोपहर को बालकनी में सूख रहे कपड़े निकालने के दौरान फैले करंट की चपेट में आने से मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है। धरसींवा के कूंरा गांव में रहने वाली कल्याणी यादव (54) अपने 23 साल के बेटे मधुसूदन के साथ रायपुर आई थीं। उनकी बेटी छत्तीसगढ़ नगर में एक किराए के कमरे में रहकर नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है।
बेटी से मुलाकात हुई आखिरी
दोनों मां-बेटे अपनी बेटी से मिलने ही पहुंचे थे, लेकिन किसे पता था कि यह मुलाकात उनकी आखिरी साबित होगी। दोपहर के वक्त कल्याणी यादव बालकनी में सुखाए गए कपड़ों को समेटने गई थीं। बालकनी में लोहे (जीआई) का पाइप बंधा हुआ था, जो पास में ही रखे एक विंडो कूलर से सटा था। कूलर में आए बिजली के शॉट की वजह से पूरा करंट लोहे के पाइप और बालकनी की लोहे की रेलिंग में उतर आया। जैसे ही कल्याणी ने पाइप को छुआ, वह तेज करंट की चपेट में आ गईं और तड़पने लगीं।
मां को बचाने गया बेटे भी आया चपेट में
मां को इस हालत में देख बेटा मधुसूदन बिना कुछ सोचे-समझे उन्हें बचाने के लिए दौड़ा। लेकिन करंट इतना तेज था कि वह भी उसकी चपेट में आ गया और दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की भनक लगते ही टिकरापारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा अस्पताल भेज दिया है। मामला दर्ज कर पूरे हादसे की तकनीकी जांच की जा रही है कि आखिर कूलर में शॉट-सर्किट कैसे हुआ।बचाव और सावधानी
बारिश और उमस के मौसम में लोहे की रेलिंग, तार या कूलर के आसपास कपड़े सुखाते समय बेहद सतर्क रहें। अगर कहीं भी लोहे की चीज बिजली के उपकरण के संपर्क में हो, तो उसे छूने से पहले स्विच जरूर बंद कर लें।