राजधानी रायपुर में आज संस्कृति विभाग और छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माताओं, कलाकारों तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं के सम्मान में एक गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में राज्य की कला, संस्कृति और सिनेमा से जुड़े अनेक विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति रही
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि फिल्में सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि समाज की सोच, संवेदना और संस्कृति को दिशा देने वाली प्रभावशाली विधा हैं। उन्होंने कहा कि एक अच्छी फिल्म समाज में जागरूकता पैदा करती है और सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करती है।
इतिहास और बदलता स्वरूप
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म “कही देबे संदेश” ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ प्रभावी संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि आज छॉलीवुड फिल्में न केवल मनोरंजन प्रदान कर रही हैं, बल्कि व्यावसायिक सफलता के नए आयाम भी स्थापित कर रही हैं। ओटीटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से छत्तीसगढ़ी फिल्मों की पहुंच व्यापक हुई है,
छत्तीसगढ़ का फिल्म परिदृश्य
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम और संस्कृति विभाग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समारोह कलाकारों और रचनाकारों का मनोबल बढ़ाते हैं और नई पीढ़ी को प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कला, संस्कृति और सिनेमा के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
प्रदर्शन और जन्मदिन की शुभकामनाएं
कार्यक्रम में 11 देशों में सम्मानित छत्तीसगढ़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्म “छत्तीसगढ़ का भीम – चिंताराम” का विशेष प्रदर्शन भी किया गया, जिसे दर्शकों ने सराहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।