Navratri Recipe: नवरात्रि या किसी दूसरे व्रत में अगर आप आलू और साबूदाने से बने पकवान खाते-खाते ऊब गए हैं, तो इस बार कच्चे केले और पनीर की टिक्की जरूर ट्राई करें। यह फलाहारी रेसिपी स्वाद में लाजवाब है और इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है।
व्रत के दौरान अक्सर खाने में एक जैसा स्वाद मिलने से लोग कुछ अलग बनाने की सोचते हैं। ऐसे में कच्चे केले और पनीर का मेल एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कच्चे केले में फाइबर होता है, जबकि पनीर से प्रोटीन मिलता है। दोनों सामग्रियों को मिलाकर बनाई गई टिक्की स्वाद के साथ खाने में भी अच्छी लगती है।
राजगिरा आटा और मूंगफली से बढ़ेगा कुरकुरापन
इस टिक्की को सही बनावट देने के लिए राजगिरा आटे का इस्तेमाल किया जाता है। यह मिश्रण को बांधने में मदद करता है, जिससे टिक्की सेंकते समय आसानी से टूटती नहीं है। वहीं, भुनी हुई मूंगफली इसे हल्का कुरकुरापन और अलग स्वाद देती है।
सबसे पहले कच्चे केले को अच्छी तरह पकाएं
टिक्की बनाने के लिए सबसे पहले कच्चे केले धो लें और उन्हें बड़े टुकड़ों में काट लें। अब इन्हें स्टीमर में डालकर अच्छी तरह पकाएं। जब केले नरम हो जाएं, तो उन्हें थोड़ा ठंडा करके छिलका उतार लें। इसके बाद एक बाउल में केले डालकर मैशर या हाथों की मदद से अच्छी तरह मैंश कर लें।पनीर और मसाले मिलाकर तैयार करें मिश्रण
मैश किए हुए कच्चे केले में कद्दूकस किया हुआ ताजा पनीर डालें। इसके बाद भुनी और दरदरी कुटी मूंगफली, बारीक कटी हरी मिर्च, भुना जीरा पाउडर, सेंधा नमक, काली मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक और बारीक कटा हरा धनिया मिला दें। सभी सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाएं, ताकि मसालों का स्वाद पूरे मिश्रण में समान रूप से आ जाए।
राजगिरा आटा मिलाकर तैयार करें टिक्की का बेस
अब तैयार मिश्रण में थोड़ा-थोड़ा राजगिरा आटा डालकर अच्छी तरह मिलाएं। आटा इतनी मात्रा में डालें कि मिश्रण आसानी से आकार लेने लगे और हाथों में बहुत ज्यादा चिपके नहीं। यदि मिश्रण पहले से ही गाढ़ा है, तो आटा कम डालें। सभी सामग्रियों को मिलाकर नरम और एकसार मिश्रण तैयार कर लें।गोल आकार देते समय रखें इन बातों का ध्यान
तैयार मिश्रण से नींबू के आकार की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। हथेलियों पर थोड़ा घी लगाकर इन्हें गोल करें और फिर हल्के हाथों से दबाकर टिक्की का आकार दें। ध्यान रखें कि टिक्की के किनारों पर दरारें न हों। यदि कहीं दरार दिखाई दे, तो उंगलियों से दबाकर उसे ठीक कर लें। टिक्कियों की मोटाई लगभग एक जैसी रखने से वे तवे पर समान रूप से सिकेंगी।







