नीट परीक्षा से जुड़ी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जहां छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर री-नीट UG 2026 रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के छात्रों ने दावा किया है कि उनके अनुमानित अंकों के मुकाबले रिजल्ट में काफी कम नंबर दिए गए हैं। अब दोनों मामलों में कोर्ट सुनवाई करेगा। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पेपर लीक के आरोपों के बाद आयोजित री-नीट परीक्षा के रिजल्ट पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के छात्रों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि आंसर-की और OMR शीट के हिसाब से उनके अंक ज्यादा होने चाहिए थे। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के दो मेडिकल उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि उनके अनुमानित स्कोर और NTA द्वारा जारी किए गए नंबरों में बड़ा अंतर है।
305 अंक बनने थे, मिले सिर्फ 64 नंबर
छात्रों ने इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया है। दोनों मामलों में अदालत ने सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली है। हाई कोर्ट ने झाबुआ जिले के छात्र लोकेंद्र सिंह खाड़िया की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। छात्र का दावा है कि उसकी OMR शीट और NTA की आंसर-की के अनुसार उसे 305 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन जारी रिजल्ट में केवल 64 अंक दिए गए। मामले की सुनवाई इंदौर बेंच में हुई, जहां केंद्र सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तारीख तय की है।महाराष्ट्र के छात्र ने भी लगाए रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोप
महाराष्ट्र के बीड जिले के NEET UG उम्मीदवार सोहम नितिन गावटे ने भी रिजल्ट को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। छात्र का आरोप है कि उसकी OMR शीट और आधिकारिक आंसर-की के आधार पर उसे 522 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन NTA ने स्कोरकार्ड में केवल 95 अंक दिखाए। याचिकाकर्ता सोहम गावटे के अनुसार, री-नीट परीक्षा में उसने 148 सवालों के जवाब दिए थे। इनमें से 136 उत्तर सही और 12 गलत थे। NEET की मार्किंग स्कीम के हिसाब से उसका स्कोर 522 अंक होना चाहिए था, लेकिन परिणाम में काफी कम अंक मिले।
NTA से जवाब नहीं मिलने पर कोर्ट पहुंचा छात्र
सोहम गावटे ने बताया कि उसने NTA को ईमेल के जरिए रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की थी। लेकिन जवाब नहीं मिलने के बाद उसने वकीलों के माध्यम से बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच में याचिका दायर की। कोर्ट ने मामले की सुनवाई की अनुमति दे दी है।पेपर लीक के बाद कराई गई थी दोबारा परीक्षा
NEET UG की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद 21 जून को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा परीक्षा आयोजित की गई और 16 जुलाई को इसका परिणाम जारी किया गया। अब रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोपों पर अदालत में सुनवाई होगी।