छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा को अधिक रोचक, व्यावहारिक और गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नए शिक्षा सत्र से राज्य के स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित न रहकर अनुभव आधारित हो सके।
स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि अब प्रदेश के सभी बालवाड़ी, प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में हर शनिवार ‘गतिविधि दिवस’ आयोजित किया जाएगा। इस दिन बच्चों को पारंपरिक पढ़ाई से हटकर रचनात्मक और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा। इसमें खेल, कला, योग और शारीरिक शिक्षा जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी।
संस्कृति, परंपरा और महापुरुषों से जुड़ेंगे विद्यार्थी
विशेषज्ञों और स्थानीय कलाकारों की भी होगी भागीदारी
इस पहल को और प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय विषय विशेषज्ञों, कलाकारों और संस्कृति से जुड़े लोगों को भी स्कूलों में आमंत्रित किया जाएगा। वे बच्चों को अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे विद्यार्थी अपने क्षेत्र की परंपराओं और कला से सीधे जुड़ सकें।
प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई शुरू होगी। वहीं 30 जून को शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें और साइकिलें वितरित की जाएंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री भी शामिल होंगे।
