खत्म होगी जाम की समस्या
24 घंटे भारी आवाजाही: इस रूट पर दिन-रात हजारों की संख्या में भारी मालवाहक गाड़ियां, यात्री बसें और निजी वाहन दौड़ते हैं।
सुरक्षा में सुधार: वर्तमान में सड़क फोरलेन होने के बावजूद प्रमुख चौराहों और औद्योगिक इलाकों के पास अक्सर लंबा जाम लग जाता है। सड़क चौड़ी होने से हादसों के खतरे में भारी कमी आएगी।
सीधा फायदा: दर्रीघाट से सिक्सलेन होकर यह मार्ग टांटीबंद (रायपुर) पहुंचेगा और वहां से सीधे रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130CD) से जुड़ जाएगा।
शहरों को राहत: कोरबा और रायगढ़ का इंडस्ट्रियल व कोयला ट्रैफिक दर्रीघाट से होते हुए बिना बिलासपुर या रायपुर शहर के भीतर प्रवेश किए सीधे विशाखापत्तनम पोर्ट तक निकल सकेगा।
| सुविधा | विवरण / लाभ |
| अलग-अलग लेन | भारी मालवाहक गाड़ियों और तेज रफ्तार गाड़ियों के लिए अलग लेन होगी, जिससे ओवरटेकिंग के समय होने वाले हादसों पर रोक लगेगी। |
| फ्लाईओवर व अंडरपास | घनी आबादी वाले इलाकों और प्रमुख चौराहों पर नए फ्लाईओवर और व्हीकुलर अंडरपास (VUP) बनाए जाएंगे ताकि स्थानीय और हाईवे का ट्रैफिक अलग रहे। |
| समय की बचत | व्यापारिक परिवहन को रफ्तार मिलेगी और आम यात्रियों का सफर ज्यादा सुरक्षित व सुगम होगा। |
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
"सड़क पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए दर्रीघाट से टांटीबंद और सिमगा-बिलासपुर मार्ग को सिक्सलेन बनाने के लिए DPR तैयार कर मंत्रालय को भेज दिया गया है। केंद्र से हरी झंडी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य की आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।" — राजेश्वर सूर्यवंशी, प्रोजेक्ट मैनेजर, NHAI