स्थानीय स्तर पर इसकी भनक लगने से पहले ही दिल्ली और पटना से आए अधिकारी मुख्य पार्षद के आवास पर पहुंच गए और जांच शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान घर में मौजूद लोगों से पूछताछ किए जाने की बात भी सामने आई है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए परसा थाना अध्यक्ष ओम प्रकाश के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। छापेमारी के दौरान घर और आसपास के क्षेत्र में आवाजाही पर भी नजर रखी गई। अचानक हुई इस कार्रवाई की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। करीब 3 घंटे तक चली तलाशी, दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों की जांच एनआईए की टीम ने मुख्य पार्षद के आवास पर करीब तीन घंटे तक तलाशी अभियान चलाया।
NIA ने खंगाले दस्तावेज
अधिकारियों ने पर घर में मौजूद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच की। माना जा रहा है कि एजेंसी हथियारों से जुड़े पुराने मामले में ऐसे साक्ष्यों की तलाश कर रही थी, जिनसे जांच को आगे बढ़ाया जा सके। कार्रवाई पूरी होने तक स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद रही। हालांकि, छापेमारी के तत्काल बाद एनआईए की ओर से जब्त सामग्री या पूछताछ से जुड़ी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी। अवैध हथियारों की तस्करी के मामले में करमुल्लाह अंसारी गिरफ्तार करीब तीन घंटे की कार्रवाई के बाद एनआईए ने करमुल्लाह अंसारी को हिरासत में लिया और बाद में उसे अपने साथ ले गई।नेटवर्क की जांच में जुटी NIA
सूत्रों के मुताबिक, करमुल्लाह का नाम अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और तस्करी से जुड़े मामले की जांच में सामने आया था। जांच एजेंसी उससे मामले में पूछताछ करना चाहती थी। बताया जा रहा है कि एनआईए की ओर से पूर्व में भी उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था। एजेंसी अब गिरफ्तारी के बाद उससे हथियारों के नेटवर्क, उससे जुड़े लोगों और लेनदेन के संबंध में पूछताछ कर सकती है। 2024 के असम हथियार मामले से जुड़ रहे कार्रवाई के तार सूत्रों के अनुसार, मौजूदा कार्रवाई के तार वर्ष 2024 में सामने आए हथियारों से जुड़े एक मामले से जोड़े जा रहे हैं।