NSE IPO GMP: ट्रेडिंग वॉल्यूम और टर्नओवर के लिहाज से भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE के IPO का इंतजार अब खत्म होने की ओर है। 4 सितंबर को सेबी ने NSE के DRHP को मंजूरी देते हुए ऑब्जर्वेशन लेटर जारी किया। इसके बाद IPO की तैयारियों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
ग्रे मार्केट में NSE IPO का GMP 280 रुपए के पार सेबी की मंजूरी के बाद NSE IPO को लेकर ग्रे मार्केट में भी हलचल बढ़ गई है। Investorgain के मुताबिक, इसका GMP 280 रुपये के पार पहुंच गया है। हालांकि, GMP आधिकारिक आंकड़ा नहीं है और इसके आधार पर लिस्टिंग प्राइस या मुनाफे की गारंटी नहीं मानी जा सकती।
15 सितंबर से खुल सकता है NSE IPO
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NSE 11 सितंबर के आसपास IPO का प्राइस बैंड घोषित कर सकता है। इसके बाद 15 सितंबर से इश्यू खुलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, इसकी लिस्टिंग 25 सितंबर के आसपास होने की चर्चा है। हालांकि, इन तारीखों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
2016 में पहली कोशिश, करीब एक दशक बाद फिर IPO
NSE ने पहली बार 2016 में IPO लाने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन को-लोकेशन मामले के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। कुछ ब्रोकर्स को एक्सचेंज के सर्वर तक कथित अनुचित पहुंच देने के आरोपों के बाद IPO प्रक्रिया प्रभावित हुई। अब करीब दस साल बाद NSE दोबारा IPO की तैयारी में है।30 हजार करोड़ रुपये का हो सकता है IPO
NSE के IPO का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। अगर इश्यू इसी आकार में आता है, तो यह भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो जाएगा। संभावित आकार के आधार पर NSE का IPO Hyundai Motor India के 27,859 करोड़ रुपये और LIC के 20,557 करोड़ रुपये के इश्यू से भी बड़ा हो सकता है।
निवेशकों की नजर अब आधिकारिक ऐलान
सेबी की मंजूरी के बाद NSE IPO अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है। निवेशकों की नजर अब प्राइस बैंड, IPO खुलने की तारीख और अंतिम इश्यू साइज पर रहेगी। वहीं, ग्रे मार्केट में मजबूत GMP ने इस बहुप्रतीक्षित इश्यू को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है। हालांकि, निवेशकों को GMP को केवल बाजार की धारणा का संकेत मानना चाहिए और निवेश से पहले IPO के आधिकारिक दस्तावेजों तथा कंपनी की वित्तीय स्थिति का अध्ययन करना जरूरी है।मौजूदा शेयरहोल्डर्स बेचेंगे करीब 14.89 करोड़ शेयर
ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, NSE के मौजूदा शेयरहोल्डर्स करीब 14.89 करोड़ शेयर बेचने की योजना बना रहे हैं। यह एक्सचेंज की लगभग 6 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। IPO की तैयारी के दौरान शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स की सूची में बदलाव भी हुआ है, जिसमें SBI Capital Markets Ltd. का नाम शामिल किया गया है।

