Share Market Today: शेयर बाजार में आज, कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई। लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी लौटने से निवेशकों को राहत मिली। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 700 अंक तक चढ़कर 76,857 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 24,000 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। चार दिन की गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार पर दबाव देखने को मिला था। कल कारोबार के दौरान Sensex में करीब 2,100 अंकों का उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। इसके बाद आज एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिकी बाजार में तेजी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया।
बाजार में तेजी, दिग्गज शेयर चढ़े
आज शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty दोनों में तेजी रही। बाजार में करीब 16 प्रमुख सेक्टरों में से 9 सेक्टर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। IT शेयरों में खरीदारी और छोटे-मझोले शेयरों में सुधार ने भी बाजार के सेंटीमेंट को सहारा दिया। Reliance, HDFC Bank समेत इन शेयरों में तेजी बाजार की तेजी में बड़े और प्रमुख शेयरों की अहम भूमिका रही। Reliance Industries, HDFC Bank, Bajaj Finserv, Trent और Adani Ports जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
ESDS Software की धमाकेदार लिस्टिंग
IT शेयरों में भी सकारात्मक रुख रहा, जिससे बाजार को ऊपर जाने में मदद मिली। ESDS Software की धमाकेदार एंट्री आज बाजार में ESDS Software Solution की लिस्टिंग भी चर्चा में रही। कंपनी के शेयर NSE पर ₹757 के भाव पर लिस्ट हुए, जो ₹429 के IPO इश्यू प्राइस से करीब 76.46 फीसदी प्रीमियम था। लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी और बढ़ी तथा कारोबार के दौरान यह ₹908 के आसपास पहुंच गया।UltraTech की एंट्री से Cable Stocks में गिरावट दूसरी ओर, वायर और केबल कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। UltraTech Cement ने ‘Ultravolt’ ब्रांड के साथ वायर और केबल कारोबार में प्रवेश किया है। कंपनी इस नए कारोबार में करीब ₹1,800 करोड़ का निवेश कर रही है। इस घोषणा के बाद Polycab और KEI Industries समेत कई केबल कंपनियों के शेयर दबाव में आ गए।
UltraTech की एंट्री से Cable Stocks गिरे
बाजार में इस बात की चिंता है कि UltraTech जैसे बड़े और पूंजी-संपन्न खिलाड़ी के प्रवेश से मौजूदा कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
कारोबार के दौरान Polycab और KEI Industries में करीब 9 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। Fed से जुड़ी उम्मीदों ने भी दिया बाजार को सहारा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव का असर भी भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा।
अमेरिकी फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के बयान के बाद सितंबर में दर बढ़ोतरी की संभावना को लेकर बाजार की आशंकाएं कुछ कम हुईं।
महंगे तेल से बढ़ सकता है दबाव
इससे वैश्विक शेयर बाजारों के सेंटीमेंट में सुधार देखने को मिला। Crude Oil की कीमत बनी चिंता हालांकि बाजार की तेजी के बीच कुछ जोखिम अभी भी बने हुए हैं। Brent crude करीब 95-96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए तेल की ऊंची कीमत रुपए, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव डाल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
आज की तेजी से बाजार में थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन लगातार उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों के लिए आगे के सत्र अहम रहेंगे। विदेशी निवेशकों की गतिविधि, कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा और वैश्विक बाजारों के संकेत भारतीय बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।

