मध्य प्रदेश के भिंड जिले में पुलिस ने एक ऐसे वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके सदस्य प्रतियोगी परीक्षाओं और कानून की पढ़ाई कर रहे छात्र निकले। बरोही थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की कार, फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड (आरसी) और नकदी बरामद की गई है। जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी दस्तावेजों और तकनीक का इस्तेमाल कर वाहन बेचने और दोबारा चोरी करने का संगठित खेल चला रहा था।
पुलिस के अनुसार, पवन भदौरिया ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक व्यक्ति ने इलाज के लिए पैसों की जरूरत बताकर अपनी वैगनआर कार बेचने की बात कही। चार लाख रुपए में सौदा तय हुआ, जिसमें पवन ने 1.68 लाख रुपए अग्रिम दिए। एक हजार रुपए के ई-स्टाम्प पर नोटरी भी कराई गई। आरोपी ने वाहन का रजिस्ट्रेशन कार्ड और आधार कार्ड की फोटो कॉपी देकर बाकी रकम बाद में लेने और वाहन ट्रांसफर कराने का भरोसा दिलाया। 26 जुलाई की रात पवन ने कार अपने घर के बाहर खड़ी की थी, लेकिन अगली सुबह वाहन गायब मिला। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने वाहन चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
प्रतियोगी परीक्षा और कानून की पढ़ाई कर रहे थे आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने मयंक राठौर, प्रशांत राठौर और धर्मेंद्र रावत को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, मयंक एसएससी-सीजीएल परीक्षा की तैयारी कर रहा था, जबकि प्रशांत एलएलबी अंतिम वर्ष का छात्र है। धर्मेंद्र रावत समेत कुल पांच लोगों ने मिलकर फर्जी दस्तावेजों और तकनीकी तरीकों की मदद से वाहन चोरी और दोबारा बिक्री का नेटवर्क तैयार किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई कार, फर्जी आरसी और 30 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।किराए की लग्जरी कार बेचते, फिर GPS के सहारे दोबारा चुरा लेते थे
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने महंगे शौक और घूमने-फिरने का खर्च पूरा करने के लिए यह गिरोह बनाया था। उनका तरीका बेहद सुनियोजित था। सबसे पहले वे किराए पर लग्जरी वाहन लेते थे। इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर वाहन को कम कीमत में किसी तीसरे व्यक्ति को बेच देते थे। वाहन में लगे जीपीएस की मदद से उसकी लोकेशन पर नजर रखते थे। करीब एक सप्ताह के भीतर वही कार दोबारा चोरी कर लेते थे। बाद में खरीदार से समझौता कर पैसों का निपटारा भी कर लेते थे।