जिले में धान खरीदी और भंडारण व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर उपार्जन केंद्रों में सघन जांच अभियान लगातार जारी है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के दौरान धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई है, जिससे खाद्य विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। खाद्य विभाग की प्रारंभिक जांच में लगभग 1200 क्विंटल धान की अवैध खरीदी का मामला उजागर हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार यह धान केवल कागजों में खरीदा गया दिखाया गया, जबकि वास्तविक भंडारण में भारी अंतर पाया गया। इस पूरे मामले की अनुमानित कीमत करीब 37 लाख रुपए बताई जा रही है। प्रशासन ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
भौतिक सत्यापन में सामने आई बड़ी गड़बड़ी
जांच के दौरान समिति प्रबंधक ललित सेंगर और ऑपरेटर राजकुमार ठाकुर की मौजूदगी में धान के बोरों का भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान एक बोरे का वजन मात्र 24.800 किलोग्राम पाया गया, जबकि निर्धारित मानकों के अनुसार वजन अधिक होना चाहिए था। इस खुलासे ने धान खरीदी, तौल और भंडारण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि कर दी। जांच टीम ने दस्तावेजों और वास्तविक भंडारण का मिलान किया, जिसमें रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध धान में भारी अंतर पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर विस्तृत निरीक्षण कर पूरा प्रतिवेदन तैयार किया है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर समिति प्रबंधक ललित सेंगर और ऑपरेटर राजकुमार ठाकुर के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।कलेक्टर ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने साफ शब्दों में कहा है कि शासन की धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, फर्जीवाड़ा या भ्रष्टाचार पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों में भी इसी तरह की जांच आगे और तेज की जाएगी। धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में हुई इस कार्रवाई के दौरान खाद्य अधिकारी चन्द्रशेखर देवांगन, सहायक खाद्य अधिकारी दलेश्वर साहू, खाद्य निरीक्षक अमित द्विवेदी, अनामिका ठाकुर, निधि वर्मा तथा सहकारिता निरीक्षक प्रवेश तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। जांच दल ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंप दी है।
