NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज 'कॉकरोच जनता पार्टी' दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रही है।
इस आंदोलन को धार देने के लिए पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार (6 जून) की सुबह सीधे अमेरिका के बोस्टन से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही दिपके के हाथों में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की लिखी किताब थी, जिसे दिखाकर उन्होंने वहां मौजूद लोगों और समर्थकों का अभिवादन किया।
PM आवास समेत कई मंत्रियों के घर सुरक्षा सख्त
प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से मुस्तैद हैं। खुफिया इनपुट्स और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं:
1000+ जवान तैनात: नई दिल्ली जिला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था संभालने के लिए 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
हाई-सिक्योरिटी जोन: किसी भी अप्रिय घटना या अचानक मार्च को रोकने के लिए प्रधानमंत्री आवास, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आधिकारिक निवासों के बाहर अतिरिक्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
जंतर-मंतर पर किलेबंदी: प्रदर्शन स्थल (जंतर-मंतर) और उसके आसपास के रास्तों को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है ताकि आम जनता को असुविधा न हो।
अभिजीत दिपके की शांतिपूर्ण अपील
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर आधिकारिक रूप से जानकारी दी कि उन्हें दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन करने की अनुमति मिल गई है। अनुमति मिलने के बाद, पार्टी ने पहले से तय 'संसद मार्ग पुलिस स्टेशन' के घेराव के प्लान को रद्द कर दिया है।
दिपके ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों और नागरिकों से एक विशेष अपील की है:
"आप सभी से जंतर-मंतर पर मिलने का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा। प्रदर्शन में आते समय अपने साथ एक किताब और हमारा प्यारा तिरंगा लाना न भूलें। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान और सहानुभूति जताने के लिए उन्हें फूल भेंट करें। हमें इस आंदोलन को पूरी तरह से प्यार, गरिमा और शांति के साथ आगे बढ़ाना है।"
क्या है पूरा मामला?
देशभर में चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली NEET परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बाद से ही छात्र संगठन और विभिन्न राजनीतिक दल सड़कों पर हैं। विपक्ष और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, और इसी के मद्देनजर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की जा रही है। आज होने वाला यह प्रदर्शन इस आंदोलन को और तेज कर सकता है।
