PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण और उनकी आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को हर संभव सहयोग देगी। कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
दक्षिणी राज्यों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सुविधा को हर किसान तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों को केसीसी से जोड़ा जा सकता है, ताकि उन्हें कम ब्याज दर पर आसानी से कृषि ऋण मिल सके।
राज्यों के साथ मिलकर तैयार होगा कृषि रोडमैप
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जमीन और किसान राज्यों के विषय हैं, इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सम्मेलन केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करने का एक बेहतर माध्यम है। उन्होंने राज्यों के लिए अलग-अलग कृषि रोडमैप तैयार करने की जरूरत बताई। इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और अन्य कृषि संस्थान राज्यों की तकनीकी मदद करने के लिए तैयार हैं।
जलवायु के हिसाब से खेती को बढ़ावा देने की योजना
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हर राज्य की कृषि परिस्थितियां अलग होती हैं। इसलिए कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुसार खेती की योजना बनानी होगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सके। उन्होंने दक्षिणी राज्यों में अल-नीनो के प्रभाव का जिक्र करते हुए बताया कि जिलावार आपातकालीन योजनाएं तैयार की गई हैं। अलग-अलग जिलों में मौसम का असर अलग रहा है, इसलिए स्थानीय स्तर पर रणनीति बनाना जरूरी है।किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य देश की खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ किसानों की आय बढ़ाना है। इसके लिए उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने, फसलों का उचित मूल्य दिलाने, फसल बीमा, फसल विविधीकरण और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने जैसे क्षेत्रों पर काम किया जा रहा है।
बीज और कीटनाशकों को लेकर नए नियमों की जरूरत
उन्होंने कहा कि बीज और कीटनाशकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नए कानूनों की आवश्यकता है। हालांकि, जब तक नए नियम नहीं बनते, तब तक राज्यों को मौजूदा कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करना चाहिए।दालों की खरीद और नारियल उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार अरहर, मसूर और उड़द जैसी दालों की खरीद का भरोसा देती है। वहीं अन्य फसलों की खरीद प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि नारियल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से नई योजना लागू की गई है, जिससे किसानों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

