Syria Diesel Price: दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर अब ईंधन बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। सीरिया में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए जाने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और सरकार के फैसले का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने टायर जलाए और कई प्रमुख मार्गों को जाम कर दिया। इनमें राजधानी दमिश्क को औद्योगिक शहर अलेप्पो से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण हाईवे भी शामिल रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, सीरिया सरकार ने शनिवार को डीजल की कीमतों में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी। इसके बाद डीजल का भाव बढ़कर 175 सीरियाई पाउंड प्रति लीटर हो गया है, जिसकी कीमत लगभग 1.32 डॉलर यानी करीब 127 रुपए प्रति लीटर बैठती है।
पेट्रोल और गैस के दामों में भी हुई बढ़ोतरी
डीजल के साथ-साथ सीरिया सरकार ने अन्य ईंधनों की कीमतों में भी इजाफा किया है। घरेलू और औद्योगिक गैस के दाम करीब 9 प्रतिशत बढ़ाए गए हैं। वहीं, 95 ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 28 प्रतिशत बढ़कर 195 सीरियाई पाउंड प्रति लीटर और 90 ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 26 प्रतिशत बढ़कर 185 पाउंड प्रति लीटर पहुंच गई है।
कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी
दुनिया के कई देशों में पिछले कुछ समय में ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दामों में अपेक्षाकृत कम बदलाव हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में युद्ध के बाद से ईंधन कीमतों में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं नाइजीरिया में पेट्रोल की कीमत 60.7 प्रतिशत और डीजल की कीमत 92.3 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है।यूएई, म्यांमार और मलेशिया में भी बढ़ा ईंधन का बोझ
ईंधन महंगा होने वाले देशों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी शामिल है। यहां पेट्रोल के दाम करीब 58.4 प्रतिशत और डीजल के दाम 70.6 प्रतिशत बढ़े हैं। म्यांमार में पेट्रोल 55.4 प्रतिशत और डीजल 71.9 प्रतिशत महंगा हुआ है। वहीं मलेशिया में पेट्रोल की कीमत करीब डेढ़ गुना तक बढ़ गई है, जबकि डीजल के दामों में 56 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है।
इंडोनेशिया और लेबनान में डीजल की कीमतों पर सबसे ज्यादा असर
अगर सिर्फ डीजल की कीमतों की बात करें तो इंडोनेशिया में इसका असर काफी ज्यादा देखने को मिला है। वहां डीजल करीब 87 प्रतिशत महंगा हो चुका है। इसके बाद लेबनान में डीजल की कीमतों में लगभग 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रूस से तेल सप्लाई पर बढ़ा दबाव
सीरिया के ऊर्जा मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुलहमीद सलात ने बताया कि वैश्विक बाजार में ईंधन खरीद की लागत बढ़ने और आयात पर निर्भरता के कारण कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि हालात बदलने पर कीमतों में आगे बदलाव किया जा सकता है। सीरिया इस साल रूस से प्रतिदिन करीब 60 हजार बैरल कच्चे तेल का आयात कर रहा है। यूक्रेन की ओर से रूसी रिफाइनरियों पर किए गए हमलों के कारण रूस में ईंधन उत्पादन प्रभावित हुआ है।सीरिया की सबसे बड़ी बनियास रिफाइनरी बंद
सीरिया की सबसे बड़ी बनियास रिफाइनरी पिछले करीब तीन महीने से बंद है। यहां बड़े स्तर पर रखरखाव का काम चल रहा है। रिफाइनरी बंद होने से देश में ईंधन की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है और कीमतों में तेजी आई है।
फरवरी से पेट्रोल 86% और डीजल दोगुने से ज्यादा महंगा
नई कीमतों के बाद सीरिया में 95 ऑक्टेन पेट्रोल फरवरी की तुलना में करीब 86 प्रतिशत महंगा हो चुका है। वहीं डीजल के दाम दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गए हैं। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत भी तेजी से बढ़ी है। फरवरी के बाद इसमें करीब 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कीमतें 72 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं।

