PM Modi Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। ताशकंद स्थित राष्ट्रपति भवन में होने वाली इस वार्ता में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और जनसंपर्क से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की जाएगी।
आकाशवाणी संवाददाता के अनुसार, प्रधानमंत्री दिन की शुरुआत उज्बेकिस्तान योग महासंघ की ओर से आयोजित योग कार्यक्रम में शामिल होकर करेंगे। इसके बाद वह राष्ट्रपति भवन पहुंचेंगे, जहां राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ उनकी विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता होगी।
व्यापार और खनिज पर रहेगा फोकस
बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है। रक्षा सहयोग के साथ-साथ खनन क्षेत्र, खासकर दुर्लभ खनिज, सोना और अन्य महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों को लेकर भी बातचीत हो सकती है। इसके अलावा चिकित्सा, कृषि, कौशल विकास और दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी के नए रास्ते विकसित करने जैसे मुद्दे भी चर्चा में शामिल हो सकते हैं। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापारिक संबंधों में पिछले एक दशक के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
मोदी का ताशकंद में हुआ भव्य स्वागत
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस अवधि में दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 300 प्रतिशत बढ़ा है। अब दोनों देश मौजूदा करीब 1 अरब डॉलर के व्यापार को आने वाले वर्षों में दोगुना करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी सिलसिले में आज कुछ अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे। हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने उनका स्वागत किया।ताशकंद में दिखी भारत-उज्बेकिस्तान की दोस्ती
ताशकंद पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने यांगी उज़्बेकिस्तान पार्क में पुष्पांजलि अर्पित की और देश के इतिहास, विरासत तथा राष्ट्रीय भावना को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद भारतीय और उज्बेक समुदाय ने पारंपरिक अंदाज में उनका स्वागत किया। स्वागत समारोह में दोनों देशों की सांस्कृतिक साझेदारी भी देखने को मिली। भारतीय कलाकारों ने कथक की प्रस्तुति दी, जबकि उज्बेकी कलाकारों ने भारतीय गीत पेश किए। दोनों देशों के कलाकारों ने मिलकर वाद्य यंत्रों की प्रस्तुति भी दी। प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई गति देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
