महासमुंद जिले में ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन ने ग्राम कोटवारों की भूमिका को अहम बनाया है। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और पुलिस मुख्यालय से जारी निर्देशों के पालन में शनिवार, 19 जुलाई 2026 को जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ग्राम कोटवारों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में महासमुंद, पिथौरा, सरायपाली और बागबाहरा अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले थाना क्षेत्रों के ग्राम कोटवार शामिल हुए। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) और थाना प्रभारियों ने कोटवारों को उनकी जिम्मेदारियों और नई व्यवस्था की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गांवों में आने वाले बाहरी व्यक्तियों की जानकारी दर्ज करने के लिए अब मुसाफिरी पंजी का नियमित संधारण करना अनिवार्य होगा।
हर माह थाने में देनी होगी गांव की जानकारी
यदि गांव में कोई संदिग्ध व्यक्ति या बाहरी व्यक्ति ठहरता है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को देनी होगी। इसके अलावा थाना प्रभारी निर्धारित रोस्टर के अनुसार गांवों में जाकर मुसाफिरी पंजी का निरीक्षण करेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कोटवारों को निर्देश दिए गए कि वे प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे सप्ताह में कम से कम दो बार थाना प्रभारी के समक्ष उपस्थित होकर अपने गांव की गतिविधियों और महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराएं। पुलिस ने कहा कि गांवों में होने वाली आपराधिक गतिविधियों, संदिग्ध लोगों की आवाजाही, असामान्य मौत, अज्ञात शव मिलने, कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंचाना कोटवारों की जिम्मेदारी होगी।किरायेदारों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश
बैठक में कोटवारों को गांव में रहने वाले किरायेदारों, मुसाफिरों और फेरीवालों की जानकारी रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी करने वालों, कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देने वाले लोगों, अवैध निवेश योजनाओं का प्रचार करने वालों और अधिक कमाई का झांसा देकर मजदूरों को बाहर ले जाने वाले दलालों पर नजर रखने को कहा गया। इसके अलावा गांव में होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों, मर्ग प्रकरणों और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी भी नियमित रूप से पुलिस को देने के निर्देश दिए गए।
हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
बैठक में ग्राम कोटवारों को पुलिस की महत्वपूर्ण हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में 112, साइबर ठगी की स्थिति में 1930 साइबर हेल्पलाइन और अवैध गतिविधियों की सूचना देने के लिए व्हाट्सएप नंबर 94792-29939 का उपयोग किया जा सकता है। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना, विवाद या किसी आपात स्थिति में 112 पर सूचना देने से क्विक रिस्पांस टीम तुरंत मौके पर पहुंचती है। वहीं साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करने या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई। संदिग्ध बाहरी या अप्रवासी व्यक्तियों की सूचना के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 के प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए।व्हाट्सएप ग्रुप से होगी त्वरित सूचना
व्यवस्था गांवों में निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में ग्राम कोटवारों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से किसी भी संदिग्ध गतिविधि या जरूरी सूचना को तुरंत पुलिस तक पहुंचाया जा सकेगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ग्राम कोटवार पुलिस और ग्रामीणों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके सक्रिय सहयोग से गांवों में अपराध नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को बेहतर सफलता