बाढ़ से निपटने मुंगेली प्रशासन की तैयारी पूरी, मॉक ड्रिल में परखी गई व्यवस्था
मुंगेली जिले के ग्राम रामगढ़ स्थित अमृत सरोवर में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई। अभ्यास में नाव पलटने की स्थिति में फंसे लोगों का रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, राहत शिविर तक पहुंचाने और विभागों के बीच समन्वय की तैयारियों को परखा गया। स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, परिवहन, जल संसाधन, पशुपालन सहित विभिन्न विभागों ने अपनी जिम्मेदारियों का अभ्यास किया।
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कीर्तिमान रिपोर्ट धनेश्वरी साहू
21 Aug 2026, 09:18 AM
रायपुर
भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार बाढ़ आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से आज मुंगेली जिले में मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। मुंगेली जिले के ग्राम रामगढ़ स्थित अमृत सरोवर में आयोजित बाढ़ आपदा अभ्यास के दौरान जिला प्रशासन सहित विभिन्न विभागों ने बाढ़ की स्थिति के दौरान राहत, बचाव एवं पुनर्व्यवस्था संबंधी कार्यों का अभ्यास किया। मॉक एक्सरसाइज में संभावित बाढ़ आपदा के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों की उपलब्धता और राहत-बचाव कार्यों की प्रभावशीलता को परखा गया।
मुंगेली में बाढ़ आपदा का मॉक ड्रिलबाढ़ में फंसे लोगों का सफल रेस्क्यू
इस दौरान बाढ़ में फंसे लोगों का सफल रेस्क्यू कर आपदा के समय सतर्क रहने और सुरक्षित रहने के उपाय बताए गए। मॉकड्रिल में बाढ़ के दौरान बीच नदी में एक नाव पलटने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। रेस्क्यू टीम ने तत्काल नाव से कुछ ही मिनटों में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उन्हें सीपीआर देकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा एंबुलेंस से बाढ़ राहत शिविर भेजा गया। मॉकड्रिल के दौरान पशुपालन विभाग ने भी पशुपालकों को बाढ़ के समय पशुओं को बीमारियों से बचाने के उपाय बताए।
सर्पदंश पर तुरंत इलाज की सलाह
मुंगेली एसडीएम अजय शतरंज ने बताया कि अभ्यास के दौरान नगर सेना एवं बचाव दल द्वारा आवश्यक उपकरणों एवं मोटर बोट के साथ बचाव कार्य की तैयारी का प्रदर्शन किया गया। जल संसाधन विभाग द्वारा बाढ़ के दौरान प्राप्त सूचनाओं के संकलन एवं नियंत्रण कक्ष में संचार व्यवस्था का अभ्यास किया गया। वन विभाग को प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई। प्लास्टिक की पानी की बोतलों, केले के थंभों और अन्य तैरने योग्य वस्तुओं की मदद से सुरक्षित स्थान तक पहुंचा जा सकता है। सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई।
बाढ़ आपदा को लेकर मॉक एक्सरसाइजस्वास्थ्य से लेकर परिवहन तक तैयारी पूरी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभ्यास स्थल पर चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, जीवन रक्षक दवाइयों एवं आवश्यक उपकरणों के साथ चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने का अभ्यास किया गया। लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्गों से अवरोध हटाने एवं आवागमन सुचारू बनाए रखने तथा पुलिस विभाग द्वारा वायरलेस संचार, यातायात एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की व्यवस्थाओं को परखा गया। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा प्रभावित पशुओं के उपचार, विद्युत विभाग द्वारा विद्युत व्यवस्था, खाद्य विभाग द्वारा भोजन पैकेट, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल एवं जल निकासी तथा दूरसंचार विभाग द्वारा संचार व्यवस्था से संबंधित तैयारियों का अभ्यास किया गया। परिवहन विभाग द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मिनी बस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
अधिकारियों ने संभाली आपदा की जिम्मेदारी
राजस्व विभाग द्वारा राहत शिविर के संचालन, प्राप्त सूचनाओं के संकलन एवं वरिष्ठ अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाने तथा प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने की कार्यवाही का अभ्यास किया गया। पंचायत एवं नगरीय निकाय द्वारा प्रभावित लोगों के ठहरने एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी मॉक ड्रिल में शामिल किया गया। मॉक एक्सरसाइज के दौरान रिलीफ कैम्प, चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण आपदा प्रबंधन बिंदुओं को भी अभ्यास में शामिल किया गया। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के नोडल एवं पर्यवेक्षण अधिकारियों को निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुरूप आवश्यक अमले एवं उपकरणों के साथ अभ्यास में शामिल किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, डिप्टी कलेक्टर मायानंद चंद्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और एसडीआरएफ टीम तथा नगर सैनिक मौजूद रहे।