Liquor Accident: घर में रखी प्लास्टिक की बोतल में भरी महुआ शराब को पानी समझकर पीने से तीन साल के बच्चे की जान चली गई। तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उसे खड़गवां और चिरमिरी के अस्पतालों में ले गए। हालत गंभीर होने पर बच्चे को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान 4 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान मनीष कुमार, पिता शिवलाल सिंह, निवासी ग्राम दुलापुर काशिमुड़ा, थाना पसान, जिला कोरबा के रूप में हुई है।
खेलते समय बोतल से पी लिया तरल
परिजनों के मुताबिक, 29 सितंबर की शाम करीब चार बजे मनीष घर में खेल रहा था। इसी दौरान उसकी नजर प्लास्टिक की एक बोतल पर पड़ी, जिसमें महुआ शराब रखी हुई थी। मासूम ने उसे पानी समझ लिया और पी लिया। कुछ देर बाद बच्चे को उल्टियां होने लगीं। उसकी मां फूलकुंवर ने घटना की जानकारी पिता शिवलाल को दी। शाम करीब सात बजे जब पिता घर पहुंचे, तब बच्चे की हालत सामान्य बताई गई थी।
अगले दिन बिगड़ी तबीयत
अगले दिन अचानक मनीष की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद परिजन उसे खड़गवां अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बच्चे को चिरमिरी रेफर कर दिया। चिरमिरी में उपचार के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर परिजन उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान 4 अक्टूबर को बच्चे ने दम तोड़ दिया।पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। घर में नशीला पदार्थ बच्चों की पहुंच से दूर रखने की लापरवाही किस तरह गंभीर परिणाम दे सकती है, यह घटना इसका एक दुखद उदाहरण है।

