Sunday, 20 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस
W 𝕏 f
होम बिलासपुर जनसुनवाई : बिलासपुर में महिला आयोग की जनसुनवाई, 4…
बिलासपुर महिला आयोग जनसुनवाई
बिलासपुर महिला आयोग जनसुनवाई
बिलासपुर

जनसुनवाई : बिलासपुर में महिला आयोग की जनसुनवाई, 47 मामलों पर हुई सुनवाई

बिलासपुर में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में 47 मामलों की सुनवाई हुई। घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, दूसरी शादी और पुलिस जांच से जुड़े मामलों पर आयोग ने आवश्यक निर्देश दिए। एक मामले में बेटियों के आरोप के बाद कथित NDPS केस की दोबारा जांच के निर्देश दिए गए।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 09 Jul 2026, 09:41 AM · अपडेट: 12 Jul 2026, 05:24 AM
बिलासपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में मंगलवार को बिलासपुर में जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान महिलाओं से जुड़े 47 प्रकरणों की सुनवाई की गई। सुनवाई में घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, दूसरी शादी, कार्यस्थल विवाद, पुलिस जांच में लापरवाही और संपत्ति से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई।

जनसुनवाई के दौरान अधिकांश मामलों में पक्षकारों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। आयोग ने पुलिस जांच में तेजी लाने, पीड़ित महिलाओं को भरण-पोषण दिलाने और आपसी सहमति के आधार पर मामलों का समाधान करने के निर्देश दिए। कई मामलों में समझाइश के बाद विवादों का निराकरण भी किया गया।

बेटियों का पिता पर आरोप

जनसुनवाई में एक मामला काफी गंभीर सामने आया, जिसमें दो बेटियों ने अपने पिता पर आरोप लगाया कि उन्होंने भरण-पोषण की जिम्मेदारी से बचने के लिए अपनी पत्नी को कथित रूप से झूठे एनडीपीएस मामले में फंसाया है।

बेटियों ने महिला आयोग को बताया कि उनके पिता वर्ष 2006 से मेडिकल व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और वर्ष 2013 से सरकंडा क्षेत्र के अशोकनगर में मेडिकल स्टोर संचालित कर रहे थे। आरोप है कि बाद में उन्होंने मेडिकल स्टोर अपने भांजे के नाम बेचने का दावा किया, ताकि पत्नी और बेटियों को भरण-पोषण देने से बच सकें। हालांकि, बेटियों का कहना है कि वह आज भी उसी मेडिकल स्टोर में काम कर रहे हैं।

मां को फंसाने का आरोप

बेटियों ने आयोग के सामने आरोप लगाया कि उनके पिता ने पहले उनकी मां को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बाद घर की छत पर नशीली दवाइयां रखवाकर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज करा दिया गया। इस मामले में उनकी मां पिछले करीब छह महीने से जेल में बंद हैं। महिला आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को जांच का दायरा बढ़ाने और वास्तविक तथ्यों का पता लगाने के निर्देश दिए।

जांच पर सवाल, दोबारा जांच के निर्देश

सुनवाई के दौरान मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने एफआईआर और जब्ती से संबंधित दस्तावेज आयोग के सामने प्रस्तुत किए। दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आयोग ने पाया कि जब्त की गई दवाइयों के बैच नंबर के आधार पर यह जांच नहीं की गई थी कि दवाइयां किस डीलर से खरीदी गई थीं और उनकी सप्लाई चेन क्या थी।

आयोग ने सरकंडा पुलिस को निर्देश दिया कि जब्त दवाइयों की वैज्ञानिक और दस्तावेजी जांच दोबारा कराई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि इन दवाइयों का मेडिकल स्टोर से कोई संबंध है या नहीं।

निष्पक्ष जांच जरूरी: आयोग

महिला आयोग ने पुलिस को निर्देश दिए कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि वास्तविक आरोपी तक पहुंचा जा सके। यदि महिला निर्दोष पाई जाती है तो उसे न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा आयोग ने पीड़ित बेटियों को सलाह दी कि वे परिवार न्यायालय में पुराने भरण-पोषण मामले को दोबारा शुरू कराने, बकाया राशि की वसूली और नियमित भरण-पोषण के लिए आवेदन कर सकती हैं। 

लंबे समय से चल रहे विवाद का समाधान 

आयोग ने यह भी कहा कि यदि पति ने पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी की है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जनसुनवाई के दौरान दो शिक्षकों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का भी समाधान किया गया। आयोग ने दोनों पक्षों को भविष्य में एक-दूसरे के खिलाफ अनावश्यक शिकायतें नहीं करने की समझाइश दी। आयोग ने कहा कि यदि कोई प्रशासनिक विवाद है तो उसे संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखा जाए। इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से मामले का निराकरण कर दिया गया।

विवादों का समाधान

जनसुनवाई में कई ऐसे मामले भी पहुंचे, जिनमें पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति बनने, तलाक होने या समझौता होने के बाद प्रकरणों का निराकरण किया गया। आयोग ने दोनों पक्षों की बात सुनकर उचित दिशा-निर्देश दिए।

दूसरी शादी मामले में सलाह

एक महिला ने शिकायत की कि उसके पति ने पहली शादी के रहते दूसरी शादी कर ली और उसे भरण-पोषण भी नहीं दे रहा है। आयोग ने महिला को विवाह को शून्य घोषित कराने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की सलाह दी।

वहीं, एक अन्य मामले में सामाजिक स्तर पर समझौता होने के बाद महिला को एक लाख रुपये देने की जानकारी आयोग के सामने रखी गई। आयोग ने सखी केंद्र के काउंसलर की मौजूदगी में महिला को उसका सामान वापस दिलाने और पूरी प्रक्रिया की फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग कराने के निर्देश दिए।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? हमारी सुधार नीति देखें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें