अस्पताल पर उठे सवाल : बिलासपुर के नोबल हॉस्पिटल में मरीज की मौत, परिजनों ने मांगी निष्पक्ष जांच
बिलासपुर के नोबल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मरीज अजय ताम्रकार की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और महंगी दवाइयां लिखने का आरोप लगाया है, जबकि अस्पताल ने आरोपों से इनकार किया है। मामले की जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी।
कीर्तिमान डेस्क
20 Jul 2026, 09:43 AM
बिलासपुर
बिलासपुर के रिंग रोड स्थित नोबल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद विवाद की स्थिति बन गई। मृतक की पहचान अजय ताम्रकार के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, अजय ताम्रकार बाइक से गिर गए थे, जिससे उनके कंधे में गंभीर चोट आई थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए नोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उनकी सर्जरी की, लेकिन ऑपरेशन के कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
नोबल हॉस्पिटलपरिजनों का आरोप- सही जानकारी नहीं दी गई
मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि इलाज के दौरान मरीज की हालत को लेकर उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जरूरत से ज्यादा महंगी दवाइयां लिखी गईं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते मरीज की स्थिति की सही जानकारी दी जाती और बेहतर उपचार मिलता तो शायद अजय ताम्रकार की जान बचाई जा सकती थी।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बताया गलत
वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों के सभी आरोपों को खारिज किया है। प्रबंधन का कहना है कि मरीज का इलाज तय चिकित्सा प्रक्रिया के अनुसार किया गया और उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल रहा। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इलाज के दौरान किसी तरह की लापरवाही सामने आई थी।