लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ के अभनपुर पहुंचे। वे यहां कांग्रेस के 10 दिवसीय विशेष आवासीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने आए थे। बेहद गोपनीय रखे गए इस शिविर में राहुल गांधी ने संगठन की कमान संभाल रहे जमीनी नेताओं और पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें कीं।
करीब 4 घंटे के इस व्यस्त कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी जब एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, तो एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। एयरपोर्ट के पास ही गाड़ी रुकवाकर राहुल गांधी एक चाय की टपरी पर जा पहुंचे। वहां उन्होंने न सिर्फ कुल्हड़ की चाय का लुत्फ उठाया, बल्कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) दीपक बैज को अपने हाथों से बिस्किट भी खिलाया। इस दौरान प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत समेत कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता उनके साथ मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम, बाहर ही छूट गए चरणदास महंत!
भले ही इस शिविर को पूरी तरह से सीक्रेट और इन-कैमरा रखा गया था, लेकिन राहुल गांधी के आने की खबर मिलते ही प्रदेशभर से कार्यकर्ताओं का सैलाब अभनपुर उमड़ पड़ा। भीड़ इस कदर बेकाबू थी कि सुरक्षा घेरे और धक्का-मुक्की के बीच नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत गेट के बाहर ही फंस गए। इस पूरे वाकये का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बंद कमरे में 40 मिनट की मंत्रणा, फिर जिलाध्यक्षों की क्लास
दिल्ली में नहीं मिले तो बाइक से ही पहुंच गए अभनपुर
राहुल गांधी की दीवानगी का एक उदाहरण सक्ती जिले के जैजपुर से आए ब्लॉक अध्यक्ष कौशिक चंद्र के रूप में देखने को मिला। कौशिक ने बताया कि वे राहुल गांधी से मिलने बाइक चलाकर दिल्ली तक गए थे, लेकिन तब मुलाकात नहीं हो पाई थी। आज जैसे ही उन्हें पता चला कि राहुल छत्तीसगढ़ आ रहे हैं, वे फिर से बाइक उठाकर अभनपुर पहुंच गए और अपनी बात नेताजी के सामने रखी।
भ्रष्टाचार या आलू से सोना निकालने की ट्रेनिंग?
राहुल गांधी के इस दौरे पर छत्तीसगढ़ की सियासत में जुबानी तीर भी जमकर चले। बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा, "भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी का स्वागत है। ये वही राम हैं जिनके अस्तित्व को कांग्रेस ने कभी स्वीकार नहीं किया था।" उन्होंने आगे सवाल उठाया कि "राहुल गांधी कार्यकर्ताओं को क्या सिखाने आए हैं? भ्रष्टाचार की ट्रेनिंग देने आए हैं या फिर ‘आलू से सोना निकालने’ जैसी थ्योरी पढ़ाने आए हैं?"
वहीं अंबिकापुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी चुटकी लेते हुए कहा कि, "राहुल गांधी जहां-जहां जाते हैं, वहां कांग्रेस का क्या हश्र होता है, यह सब जानते हैं।"
पुरंदर मिश्रा एक्सीडेंटल विधायक हैं, इलाज की जरूरत है
बीजेपी के इन बयानों पर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने मोर्चा संभाला और बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया। विकास उपाध्याय ने कहा, "पुरंदर मिश्रा मानसिक रूप से परेशान हो चुके हैं और उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत है। अगर बीजेपी उनका इलाज नहीं करा पा रही है, तो कांग्रेस इसका खर्च उठाने को तैयार है।" उन्होंने आगे कहा कि मिश्रा एक 'एक्सीडेंटल विधायक' हैं, जो सिर्फ अपना राजनीतिक कद बढ़ाने और सुर्खियां बटोरने के लिए इस तरह की ओछी बयानबाजी कर रहे हैं।
केवल भाषण नहीं, 'ग्राउंड वर्क' सीख रहे हैं कांग्रेसी नेता
अभनपुर के चांदी मोड़ स्थित आशुतोष-अलका अग्रवाल मंगल भवन में चल रहा यह 10 दिवसीय शिविर 'संगठन सृजन अभियान' का हिस्सा है। इस शिविर की सबसे खास बात यह है कि इसे केवल भाषणों तक सीमित नहीं रखा गया है।
जमीनी टास्क: प्रशिक्षण ले रहे नेताओं को गांवों में जाकर रुकना होगा, ग्रामीणों से सीधा संवाद करना होगा और मनरेगा की जमीनी हकीकत का अध्ययन करना होगा।
सामाजिक मुद्दे: स्थानीय स्तर पर नशे की समस्या और आर्थिक-सामाजिक हालातों पर रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
फिजिकल और मेंटल ट्रेनिंग: शिविर के शेड्यूल में योग, मार्शल आर्ट्स और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के सेशन भी शामिल किए गए हैं।
प्रोफेशनल मैनेजमेंट: अलग-अलग विषयों के एक्सपर्ट्स इन नेताओं को मीडिया हैंडलिंग, पब्लिक रिलेशन (PR), चुनावी रणनीति और बूथ मैनेजमेंट की बारीकियां सिखा रहे हैं।
चुनावी नैरेटिव सेट करने की तैयारी:
इस पूरे अभियान को लेकर कांग्रेस बेहद गंभीर है। राहुल गांधी के बाद अब राष्ट्रीय नेता और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट भी अलग-अलग सत्रों में कार्यकर्ताओं को सीधे ट्रेंड करेंगे। कांग्रेस इसे आगामी चुनावों से ठीक पहले जमीनी स्तर पर खुद को री-बूट करने की एक बड़ी और निर्णायक कवायद मान रही है।