जिले में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला पुलिस कप्तान के निर्देशों पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत बलौदा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ग्राम पलसापाली में दबिश देकर दो अलग-अलग ठिकानों से कुल 45 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद की है। बलौदा पुलिस को 22 जुलाई को गुप्त सूचना (मुखबिर) मिली थी कि ग्राम पलसापाली में कुछ लोग चोरी-छिपे महुआ शराब का निर्माण और उसकी खरीद-बिक्री कर रहे हैं। खबर मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए बताए गए संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी की और अचानक दबिश दी।
दो अलग-अलग घरों से बरामद हुई शराब
पहली सफलता: पुलिस ने गाँव के ही रामकुमार जोल्हे (50 वर्ष) के मकान में तलाशी ली। यहाँ से पुलिस को 25 लीटर महुआ शराब मिली, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹5,000 बताई जा रही है।
दूसरी सफलता: इसी कड़ी में टीम ने गाँव के एक अन्य व्यक्ति भेकलाल जोल्हे (34 वर्ष) के घर पर छापेमारी की। यहाँ से 20 लीटर महुआ शराब (कीमत लगभग ₹4,000) बरामद की गई।
आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज, भेजे गए जेल
पुलिस ने दोनों मामलों में कुल 9,000 रुपये मूल्य की 45 लीटर अवैध शराब जब्त कर ली है। बलौदा थाने में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 46/26 और 47/26 के तहत छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।