आज यानी 25 मई 2026 को बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में 29वीं नेशनल सीनियर फेडरेशन कप एथलेटिक्स चैंपियनशिप का चौथा और अंतिम दिन खेला जा रहा है। चार दिनों तक चलने वाली इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के शीर्ष एथलीटों ने हिस्सा लिया और कई ऐतिहासिक प्रदर्शन देखने को मिले। यह प्रतियोगिता न केवल राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों की क्षमता का बड़ा मंच है, बल्कि आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और कॉमनवेल्थ गेम्स क्वालिफिकेशन के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है।
बड़े फाइनल मुकाबले
चैंपियनशिप के आखिरी दिन ट्रैक और फील्ड दोनों स्पर्धाओं में कई बड़े मुकाबले आयोजित हो रहे हैं। सोमवार के कार्यक्रम में पुरुष और महिला 200 मीटर फाइनल, 800 मीटर फाइनल, 400 मीटर हर्डल्स, हाई जंप, ट्रिपल जंप, शॉट पुट और जैवलिन थ्रो जैसे प्रमुख इवेंट शामिल हैं। सुबह के सत्र में 5000 मीटर रेस और 200 मीटर की हीट्स आयोजित हुईं, जबकि शाम के सत्र में मेडल मुकाबलों पर सभी की नजर रहेगी।
रांची में टूटे राष्ट्रीय रिकॉर्ड
इस बार की फेडरेशन कप भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक साबित हो रही है। प्रतियोगिता के पहले तीन दिनों में कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूट चुके हैं। भारत के तेज धावक अनिमेष कुजूर ने पुरुष 100 मीटर दौड़ में 10.15 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और खुद को देश का सबसे तेज धावक साबित किया। वहीं गुरिंदरवीर सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय स्प्रिंटिंग में नया इतिहास रचा।
पोल वॉल्ट में बना नया इतिहास
रांची में सबसे चर्चित प्रदर्शन पुरुष पोल वॉल्ट स्पर्धा में देखने को मिला। देव मीना और कुलदीप कुमार दोनों ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारतीय एथलेटिक्स में नया अध्याय लिख दिया। दोनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पोल वॉल्ट में नई ऊंचाई हासिल की, जिसे भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
तेजस्विन शंकर और विषाल टीके ने भी बटोरी सुर्खियां
डेकाथलॉन स्टार तेजस्विन शंकर ने 8000 से अधिक अंक हासिल कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का दम दिखाया। वहीं धावक विशाल टिके ने 400 मीटर दौड़ को 45 सेकंड से कम समय में पूरा कर भारतीय एथलेटिक्स को नई उम्मीद दी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत की उम्मीदें मजबूत करेगा। रांची में भीषण गर्मी और उमस ने खिलाड़ियों की परीक्षा ली। पुरुष 10,000 मीटर दौड़ में आठ एथलीट रेस पूरी नहीं कर सके। मौसम की कठिन परिस्थितियों के बावजूद खिलाड़ियों ने बेहतरीन जज्बा दिखाया और कई शानदार प्रदर्शन सामने आए।
कॉमनवेल्थ गेम्स क्वालिफिकेशन पर टिकी नजर
इस प्रतियोगिता को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 और अन्य अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई खिलाड़ी क्वालिफाइंग मार्क हासिल करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरे हैं। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार यह टूर्नामेंट भारतीय एथलेटिक्स के लिए टैलेंट पहचानने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का अहम मंच है। रांची में आयोजित इस प्रतियोगिता को देखने बड़ी संख्या में खेल प्रेमी पहुंच रहे हैं। खासकर स्प्रिंट और फील्ड इवेंट्स में दर्शकों का उत्साह देखने लायक रहा। सोशल मीडिया पर भी खिलाड़ियों के रिकॉर्ड प्रदर्शन की जमकर चर्चा हो रही है।
भारतीय एथलेटिक्स
रांची में हो रहे प्रदर्शन यह संकेत दे रहे हैं कि भारतीय एथलेटिक्स अब नए दौर में प्रवेश कर रहा है। युवा खिलाड़ियों की गति, तकनीक और फिटनेस का स्तर पहले की तुलना में काफी बेहतर दिखाई दे रहा है। अगर यही प्रदर्शन जारी रहा तो आने वाले वर्षों में भारत अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में और मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।
