जशपुर जिले में प्राकृतिक आपदाओं और नैसर्गिक विपत्तियों के कारण हुई जनहानि के चार अलग-अलग मामलों में प्रभावित परिवारों के लिए कुल 16 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड-6 क्रमांक-4 के प्रावधानों के तहत प्रत्येक प्रकरण में 4 लाख रुपए की सहायता मंजूर की गई है।
यह राशि नियमानुसार पात्र वैध वारिसों को प्रदान की जाएगी। अपर कलेक्टर प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सन्ना तहसील के ग्राम चम्पा निवासी हनुमान, पिता कोतो राम की 5 सितंबर 2022 को कुएं के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। प्रकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके चचेरे भाई डबलू राम के लिए 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
सर्पदंश से मौत पर पिता को मिलेगी सहायता
दुलदुला तहसील के ग्राम लोरो निवासी आलिशा बाई, पिता जयनंदन राम की 2 जुलाई 2024 को सांप के काटने से मृत्यु हो गई थी। इस मामले में शासन के प्रावधानों के तहत मृतका के निकटतम वैध वारिस उनके पिता जयनंदन राम को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि देने की स्वीकृति प्रदान की गई है। मनोरा तहसील के ग्राम भीमसेला निवासी प्रदीप तिर्की, पिता अंधेरियस तिर्की की 1 मई 2024 को बांध के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में उनके पिता अंधेरियस तिर्की तथा पुत्रियों निशा तिर्की और मनीषा तिर्की को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।तालाब में डूबने से मौत, माता-पिता को सहायता
बगीचा तहसील के ग्राम रेंगोला निवासी अनिस टोप्पो, पिता अंकित टोप्पो की 5 अप्रैल 2026 को तालाब के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस मामले में मृतक की माता साधना टोप्पो और पिता अंकित टोप्पो को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। जिला प्रशासन की ओर से चारों प्रकरणों में कुल 16 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। प्राकृतिक आपदा और नैसर्गिक विपत्ति के कारण होने वाली जनहानि के मामलों में शासन के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रभावित परिवारों और पात्र वैध वारिसों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।