Saturday, 29 Aug 2026 भारत
ब्रेकिंग
Mumbai Milk Price Hike: ₹100 के पार पहुंचेगा दूध, जानिए कब से लागू होंगी नई दरें Rewa Hospital News: प्रसूता और नवजात की मौत, बाबू बचा लो कहती महिला का वीडियो वायरल, दो डॉक्टर और दो नर्स सस्पेंड CNG Price Hike: दिल्ली-एनसीआर में आज से महंगी हुई CNG, जानिए आपकी जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ Bilaspur Stone Pelting: मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर भारी बवंडर, दोनों ओर से चले पत्थर, स्थिति संभालने छूटे आंसू गैस के गोले Surguja News: उफनती नदी, गोद में बच्चे और खौफ का सफर, सरगुजा के पटकुरा में जान हथेली पर रख स्कूल जाने को मजबूर मासूम Mumbai Milk Price Hike: ₹100 के पार पहुंचेगा दूध, जानिए कब से लागू होंगी नई दरें Rewa Hospital News: प्रसूता और नवजात की मौत, बाबू बचा लो कहती महिला का वीडियो वायरल, दो डॉक्टर और दो नर्स सस्पेंड CNG Price Hike: दिल्ली-एनसीआर में आज से महंगी हुई CNG, जानिए आपकी जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ Bilaspur Stone Pelting: मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर भारी बवंडर, दोनों ओर से चले पत्थर, स्थिति संभालने छूटे आंसू गैस के गोले Surguja News: उफनती नदी, गोद में बच्चे और खौफ का सफर, सरगुजा के पटकुरा में जान हथेली पर रख स्कूल जाने को मजबूर मासूम
W 𝕏 f
होम बालोद पुनरुद्धार महाअभियान : बालोद में भारी बवाल, नदी क…
अवैध खेती पर चला बुलडोजर
अवैध खेती पर चला बुलडोजर
बालोद

पुनरुद्धार महाअभियान : बालोद में भारी बवाल, नदी किनारे अवैध कब्जों पर चला प्रशासन का बुलडोजर

बालोद जिले में तांदुला नदी के जलग्रहण क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ बड़ी कार्रवाई की। ड्रोन सर्वे में नदी की चौड़ाई 220 मीटर से घटकर 80-90 मीटर होने का खुलासा हुआ था। प्रशासन ने अवैध खेती और कब्जों पर बुलडोजर चलाया, जिसके विरोध में किसानों और क्षेत्रीय संगठनों ने प्रदर्शन किया।

कीर्तिमान न्यूज
25 May 2026, 03:41 PM
बालोद

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की जीवनदायिनी मानी जाने वाली तांदुला नदी के अस्तित्व को बचाने और जलस्रोत को पुनर्जीवित करने के लिए जिला प्रशासन ने रविवार तड़के एक बड़ा 'सर्जकल स्ट्राइक' किया है। नदी के कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्र) को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नदी किनारे अवैध रूप से की जा रही खेती पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया।

इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी हंगामा, नारेबाजी और तीखा विरोध देखने को मिला। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने उग्र विरोध कर रहे किसानों, ‘जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी’ और ‘छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना’ के शीर्ष पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पूरे प्रभावित क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल है और एहतियातन इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

ड्रोन सर्वे में हुआ था चौंकाने वाला खुलासा

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं है, बल्कि यह आधुनिक ड्रोन सर्वे और राजस्व विभाग की लंबी जांच का नतीजा है। जांच रिपोर्ट में जो आंकड़े सामने आए, वे बेहद डराने वाले थे:

  • सिकुड़ता अस्तित्व: सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक, तांदुला नदी की मूल चौड़ाई 220 मीटर थी।

  • अवैध कब्जों की मार: लगातार बेतरतीब खेती और अवैध निर्माण के कारण नदी कई हिस्सों में सिकुड़कर मात्र 80 से 90 मीटर रह गई थी।

  • रुका प्राकृतिक प्रवाह: नदी के इस तरह सिकुड़ने से उसका प्राकृतिक जल प्रवाह पूरी तरह बाधित हो चुका था, जिससे जलस्तर और पर्यावरण पर गंभीर संकट मंडरा रहा था।

अमीर अतिक्रमणकारियों का खेल

राजस्व विभाग की जांच में एक और बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। प्रशासन का दावा है कि बेदखल किए गए अधिकांश लोग गरीब या भूमिहीन नहीं हैं।

जांच के मुख्य तथ्य: अतिक्रमण करने वाले कई लोग मुख्यधारा के व्यवसायों (जैसे किराना दुकान, सैलून आदि) से जुड़े हैं और उनकी अपनी निजी कृषि भूमि भी अन्य स्थानों पर मौजूद है। इतना ही नहीं, कुछ स्थानीय रसूखदारों ने तो नदी की इस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा जमाकर इसे भारी मुनाफे पर दूसरों को 'रेगहा' (बटाई/किराए) पर दे रखा था।

फसल कटने का इंतजार कर रहा था प्रशासन

तहसीलदार और प्रशासनिक टीम ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण विरोधी यह मुहिम कुछ महीने पहले ही शुरू होने वाली थी। लेकिन उस समय खेतों में ग्रीष्मकालीन धान की फसल खड़ी थी। मानवीय दृष्टिकोण और किसानों के आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तब कार्रवाई को अस्थाई रूप से रोक दिया था। अब जैसे ही धान की फसल पूरी तरह कट गई, प्रशासन ने बिना समय गंवाए 24 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम और नोटिस जारी कर इस वैधानिक कार्रवाई को अंजाम दे दिया।

विपक्ष और संगठनों का फूटा गुस्सा

दूसरी तरफ, इस कार्रवाई को लेकर प्रभावित किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। कार्रवाई की भनक लगते ही 'जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी' और 'छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना' के पदाधिकारी बड़ी संख्या में किसानों के समर्थन में उतर आए और बुलडोजर के सामने लेटकर प्रदर्शन करने लगे।

संगठन के वरिष्ठ नेता दानी साहू ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:

"बालोद प्रशासन लगातार गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के खिलाफ एकतरफा और अन्यायपूर्ण कार्रवाई कर रहा है। सदर रोड पर रसूखदारों द्वारा बरसों से किए गए बड़े पैमाने के अवैध निर्माण पर प्रशासन ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है, लेकिन गरीबों के छोटे-छोटे आशियानों और खेतों को उजाड़ने के लिए मात्र 24 घंटे का नोटिस देकर बुलडोजर भेज दिया गया। यह प्रशासन की दोहरी नीति को उजागर करता है।"

चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही खाकी

अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए प्रशासन ने पहले से ही तगड़ी चक्रव्यूह रचना कर रखी थी। मौके पर बालोद थाना प्रभारी के साथ-साथ गुंडरदेही, कंवर और कई अन्य थानों के प्रभारी भारी पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों के साथ मोर्चे पर डटे रहे। वहीं प्रशासनिक मोर्चे पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारियों की संयुक्त टीम पल-पल की गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए थी।

प्रशासन का अंतिम संदेश: कलेक्टर और जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तांदुला नदी के अस्तित्व और पर्यावरण के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान अभी थमेगा नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में नदी को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए आगे भी जारी रहेगा।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें