जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल करेंगे रिटायर अर्धसैनिक जवान, OPS समेत इन मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन
रिटायर CAPF जवान और कर्मचारी OPS बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर 7 नवंबर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल करेंगे। संगठन ने CAPF के वरिष्ठ पदों पर अपने कैडर अधिकारियों को पर्याप्त अवसर देने की भी मांग उठाई है।
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कीर्तिमान रिपोर्ट लक्ष्मी साहू
23 Aug 2026, 03:49 PM
नई दिल्ली
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के सेवानिवृत्त जवान और कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। ऑल एक्स-पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले रिटायर जवानों ने 7 नवंबर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। प्रदर्शन में CRPF, CISF समेत विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के पूर्व जवानों और कर्मचारियों के शामिल होने की बात कही गई है।
पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग
रिटायर जवानों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली शामिल है। एसोसिएशन का कहना है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले जवानों और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ मिलना चाहिए।
इसके साथ ही केंद्रीय बलों में डेपुटेशन पर आने वाले IPS अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी संगठन ने आपत्ति जताई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि CAPF के प्रशासन और संचालन में इन बलों के अपने कैडर के अधिकारियों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व और पदोन्नति के अवसर मिलने चाहिए।
जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल करेंगे रिटायर CAPF जवान7 नवंबर से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल
ऑल एक्स-पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव रणबीर सिंह ने आरोप लगाया है कि संगठन लंबे समय से अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहा है, लेकिन उनका समाधान नहीं हुआ। इसी कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया गया है। एसोसिएशन ने हाल में लागू केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रशासन से जुड़े नए कानून का भी विरोध किया है। संगठन इसे वापस लेने की मांग कर रहा है। इसी मांग के साथ OPS की बहाली को लेकर 7 नवंबर से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल करने की घोषणा की गई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उठाया मुद्दा
एसोसिएशन ने इस विवाद में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश का भी हवाला दिया है। संगठन का दावा है कि अदालत ने BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB में वरिष्ठ स्तर पर डेपुटेशन से जुड़े मामलों और कैडर समीक्षा को लेकर निर्देश दिए थे। एसोसिएशन का आरोप है कि अदालत के निर्देशों के अनुरूप व्यवस्था करने के बजाय नया कानून लाया गया। हालांकि ये आरोप संगठन की ओर से लगाए गए हैं और इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
नए कानून में वरिष्ठ पदों को लेकर क्या प्रावधान ?
एसोसिएशन ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026 के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं। संगठन के मुताबिक, नए प्रावधानों से CRPF, CISF सहित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर डेपुटेशन से आने वाले IPS अधिकारियों की भूमिका को वैधानिक आधार मिलता है। एसोसिएशन का दावा है कि नए प्रावधानों में IG, ADG, स्पेशल DG और DG स्तर के पदों पर IPS अधिकारियों की नियुक्ति से संबंधित व्यवस्था की गई है। संगठन को आशंका है कि इससे CAPF के अपने कैडर के अधिकारियों के लिए वरिष्ठ पदों तक पहुंचने के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
आंदोलन तेज करने की तैयारी
रिटायर अर्धसैनिक जवानों का कहना है कि उनकी मांग केवल पेंशन तक सीमित नहीं है। वे CAPF के अपने कैडर अधिकारियों के लिए पदोन्नति के बेहतर अवसर और प्रशासनिक व्यवस्था में उचित प्रतिनिधित्व की भी मांग कर रहे हैं।
अब 7 नवंबर से प्रस्तावित भूख हड़ताल के जरिए संगठन इन मांगों को केंद्र सरकार के सामने प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। आंदोलन में कितने पूर्व जवान और अधिकारी शामिल होंगे तथा सरकार की ओर से उनकी मांगों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी।