घर का ताला टूटा, आलमारी का लॉकर बिखरा और 60 हजार रुपये नकदी गायब—यह कोई फिल्मी सीन नहीं बल्कि डोंगरगढ़ में सामने आई वह सनसनीखेज वारदात है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। हालांकि पुलिस ने भी ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही घंटों में चोरी की इस गुत्थी को सुलझाकर दो युवकों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। घटना थाना डोंगरगढ़ क्षेत्र की है, जहां प्रार्थिया कुंती बाई (65 वर्ष), निवासी भगत सिंह चौक वार्ड क्रमांक 19 ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि 22 मई 2026 को वह अपने परिवार सहित घर में ताला लगाकर बाहर गई थीं। अगले दिन 23 मई की सुबह करीब 7 बजे जब वे वापस लौटीं तो घर का मुख्य दरवाजा टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो आलमारी का लॉकर भी क्षतिग्रस्त था और उसमें रखे 60 हजार रुपये नकद गायब थे।
पीड़िता की शिकायत पर थाना डोंगरगढ़ में अपराध क्रमांक 294/2026 के तहत धारा 331(4) और 305 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी डोंगरगढ़ के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में प्र.आर. रूपेश देवांगन, आरक्षक किशन चंद्रा, अशोक यादव और लीलाधर मंडलोई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम की तत्परता और सक्रियता के कारण चोरी का मामला बेहद कम समय में सुलझाया जा सका। डोंगरगढ़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराध कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथ उससे ज्यादा तेज होते हैं। वहीं इस घटना ने इलाके में यह साफ संदेश भी छोड़ दिया है कि लोगों की लापरवाही का फायदा उठाने वाले ज्यादा दिनों तक पुलिस से बच नहीं सकते।
