छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने जिले में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए पिछड़ा वर्ग समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष आर.एस. विश्वकर्मा ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागवार योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में आयोग के सदस्य यशवंत सिंह, नीलाम्बर नायक, बलदाऊ राम साहू, हरिशंकर यादव और सचिव अमित श्रीवास्तव मौजूद रहे। वहीं कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के निर्देश
आयोग अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों की भागीदारी, लाभ प्राप्त करने वाले लोगों की संख्या और विभागों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास को मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें। इसके लिए विभागों को सक्रिय होकर काम करने और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
बैठक में आयोग अध्यक्ष ने पिछड़ा वर्ग के युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी, उद्योग और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंक ऋण, अनुदान और प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं के माध्यम से लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। रोजगार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर समुदाय की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।
विभागों को समन्वय के साथ काम करने कहा
बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्योग, कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य विभागों ने अपनी योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। आयोग ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पिछड़ा वर्ग हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने कहा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले में संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए भरोसा दिलाया कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन लगातार कार्य करेगा। आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों को हितग्राही चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने, योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन करने और नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर ही पिछड़ा वर्ग समुदाय का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।