Medical Assistance: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के धुरकोट निवासी 10 वर्षीय रिमोन टंडन गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। जिस उम्र में बच्चों की दुनिया स्कूल, खेलकूद और भविष्य के सपनों से भरी होती है, उस उम्र में रिमोन को बेहतर इलाज की जरूरत है। बेटे के उपचार के लिए उसके पिता अजय कुमार टंडन पिछले छह महीने से अधिक समय से आर्थिक सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक परिवार को मदद नहीं मिल पाई है। रिमोन Isolated Growth Hormone Deficiency 1A नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। पिता के मुताबिक, बच्चे को दिल्ली स्थित एम्स में भी दिखाया गया है। अब उसके इलाज के लिए एक विशेष इंजेक्शन की जरूरत है, जिसकी कीमत करीब 13 लाख रुपए बताई जा रही है। परिवार का कहना है कि यह इंजेक्शन मलेशिया या जापान में उपलब्ध हो सकता है। इतनी बड़ी रकम जुटाना परिवार के लिए मुश्किल हो रहा है।
मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से उम्मीद
बेटे के इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ अजय कुमार टंडन ने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत आर्थिक मदद के लिए आवेदन किया है। परिवार को उम्मीद है कि सरकारी सहायता मिलने से रिमोन के उपचार का रास्ता खुल सकेगा। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने भी संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर प्रकरण को जल्द स्वीकृति देने का अनुरोध किया है। इसके बावजूद परिवार अब तक आर्थिक सहायता मिलने का इंतजार कर रहा है।
बेटे के इलाज के लिए लगातार प्रयास कर रहे पिता
अजय कुमार टंडन अपने बेटे को बेहतर उपचार दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। महंगे इंजेक्शन की व्यवस्था करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। एक ओर बेटे के इलाज की चिंता है, तो दूसरी ओर इतनी बड़ी रकम जुटाने की मजबूरी। ऐसे में परिवार सरकारी सहायता की ओर देख रहा है। परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि आवेदन पर जल्द निर्णय हो और रिमोन को जरूरी उपचार मिल सके। छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सहायता नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कितनी जल्दी निर्णय लेता है और रिमोन के इलाज के लिए आर्थिक मदद कब तक उपलब्ध हो पाती है। समय पर सहायता मिलना परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।






