छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत कक्षा पहली में प्रवेश प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने अवकाश के दिन स्वतः संज्ञान लेते हुए विशेष सुनवाई की और राज्य सरकार से विस्तृत हलफनामा मांगा। अगली सुनवाई RTE मामले में 8 अप्रैल 2026 और बिलासपुर की बदहाल व्यवस्था पर 9 अप्रैल 2026 को होगी।
16 हजार से अधिक RTE आवेदन लंबित
सुनवाई में सामने आया कि कुल 38,438 आवेदनों में से केवल 23,766 का सत्यापन हुआ है। 16 हजार से अधिक आवेदन अभी लंबित हैं। कोर्ट ने कहा कि कई जिलों में नोडल प्राचार्यों की धीमी कार्यप्रणाली पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।
लॉटरी प्रक्रिया पर संकट
कोर्ट ने चेताया कि 13 से 17 अप्रैल के बीच प्रस्तावित स्कूल आवंटन की लॉटरी भी प्रभावित हो सकती है। इससे अभिभावकों को अनावश्यक परेशानी हो सकती है। राज्य सरकार से हलफनामा मांगा गया है।
बिलासपुर में बदहाल नाली और गंदगी
हाईकोर्ट ने बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र, वार्ड क्रमांक 12 (बन्नाक मोहल्ला) में अधूरी नाली और टूटी पाइपलाइन के मामले पर भी सख्ती दिखाई। डेढ़ महीने से नाली निर्माण अधूरा पड़ा है, जिससे जल आपूर्ति बाधित हुई और गंदगी बढ़ी।
गंदगी और मच्छरों से स्वास्थ्य खतरा
अधूरी नाली में जमा गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया। स्थानीय लोग गंदे पानी में गुजरने को मजबूर हैं, जिससे डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कोर्ट ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण बताया।
एक हफ्ते में कार्य पूरा करने का आदेश
हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर नाली निर्माण पूरा करें, पाइपलाइन दुरुस्त कर जल आपूर्ति बहाल करें, पूरे क्षेत्र की सफाई और सैनिटाइजेशन करें। जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर भी कार्रवाई हो।
अगली सुनवाई में प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी
नगर निगम आयुक्त को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। बिलासपुर मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल 2026 को होगी।
