सिंगरौली जिले में प्रेम विवाह को लेकर हाई-वोल्टेज ड्रामा सामने आया है। जिला न्यायालय परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्रेमी जोड़े की कथित तौर पर गुपचुप तरीके से कराई जा रही शादी के दौरान बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता अचानक वकील के चेंबर में पहुंच गए। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि कोर्ट परिसर में ही काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, कार्यकर्ताओं के पहुंचने के बाद वकील के चेंबर में बहस शुरू हो गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए और पूरे परिसर में तनाव का माहौल बन गया। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए हैं, जिनमें कोर्ट परिसर में लोगों की भीड़ और हंगामे की स्थिति दिखाई दे रही है।
युवती और युवक का प्रेम प्रसंग
पूरा मामला अंतर-समुदाय विवाह से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बीना क्षेत्र की रहने वाली युवती और सिंगरौली जिले के बैढ़न निवासी युवक के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। दोनों ने परिवार की जानकारी के बिना शादी करने का फैसला लिया और कोर्ट मैरिज के लिए सिंगरौली जिला न्यायालय पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि युवक पक्ष के अधिवक्ता अजीम खान दोनों की शादी से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी करवा रहे थे। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने इस बात की जानकारी हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को दे दी। सूचना मिलते ही बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और उन्होंने शादी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि मामले में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था और शादी की प्रक्रिया को जल्दबाजी में पूरा किया जा रहा था। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने की बात कही गई है।
नोटरी के कागजात फाड़ने का आरोप
हंगामे के दौरान नोटरी प्रक्रिया को लेकर भी विवाद सामने आया। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पारसनाथ शाह नाम के शपथ आयुक्त के पास आधिकारिक साइन और सील का अधिकार नहीं था, इसके बावजूद वह शादी से जुड़े दस्तावेजों पर मुहर लगा रहे थे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जैसे ही बड़ी संख्या में लोग चेंबर में पहुंचे, वहां मौजूद नोटरी कथित तौर पर घबरा गए और शादी से संबंधित दस्तावेजों को फाड़ने लगे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, दस्तावेज फाड़ने और नोटरी की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।प्रेमी जोड़े को पुलिस के हवाले किया गया
हंगामे के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रेमी जोड़े को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ की और मामले की जानकारी जुटाई। अधिकारियों के अनुसार, युवती उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की रहने वाली है, इसलिए मामले को आगे की कार्रवाई के लिए सोनभद्र की बीना पुलिस को सौंपा गया है। वहीं, हिंदू संगठनों ने अधिवक्ता अजीम खान और शपथ आयुक्त पारस शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने दोनों के लाइसेंस निरस्त करने और मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई है। दूसरी ओर, युवती के परिवार में भी इस घटना के बाद चिंता का माहौल है। परिजनों का कहना है कि बेटी के फैसले से वे परेशान हैं और मामले को लेकर भावनात्मक स्थिति से गुजर रहे हैं। फिलहाल पुलिस दोनों राज्यों के बीच समन्वय बनाकर पूरे मामले की जांच कर रही है।