संसद के मानसून सत्र में लगातार हो रहे हंगामे और ठप पड़ी कार्यवाही को पटरी पर लाने के लिए सत्ता पक्ष ने एक बड़ी पहल की है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात कर गतिरोध खत्म करने पर चर्चा की। माना जा रहा है कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार और विपक्ष के बीच बनी दूरी को कम करना और सदन में कामकाज का अनुकूल माहौल तैयार करना है। सूत्रों के मुताबिक, इस गोपनीय बैठक के दौरान दोनों ओर से विभिन्न विवादित मुद्दों पर बात हुई, ताकि कोई बीच का रास्ता निकाला जा सके। दूसरी तरफ, बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के तेवर सख्त नजर आए।
लोकसभा की कार्यवाही हुई स्थगित
विपक्षी सांसदों ने अलग-अलग ज्वलंत मुद्दों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी और सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की। शोर-शराबे के कारण जब सदन की व्यवस्था बिगड़ने लगी, तो लोकसभा अध्यक्ष ने सांसदों से शांत रहने की अपील की। विपक्ष के न मानने और लगातार हंगामे को देखते हुए अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। जहाँ एक तरफ सरकार का कहना है कि वह सदन चलाने और काम करने के लिए तैयार है, वहीं विपक्ष का स्पष्ट रुख है कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर तुरंत चर्चा कराई जाए।
अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी
सदन के भीतर हंगामे के साथ-साथ संसद भवन के बाहर मकर द्वार पर भी सियासी हलचल तेज रही। राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई प्रमुख नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष 20 जुलाई को सीजेपी (CJP) प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी के दावों को लेकर सरकार पर हमलावर है।प्रदर्शन में शामिल समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने मीडिया से बात करते हुए एक नया मुद्दा छेड़ा। उन्होंने कहा:
"हमने पहले भी साफ किया है कि जनता की आस्था और उनकी जेब से जुड़े मुद्दों को हम मजबूती से उठाएंगे। E20 पेट्रोल गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुँचा रहा है और गाड़ियों का माइलेज भी घट रहा है। सरकार की ओर से इस पर कोई स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। ऑटोमोबाइल कंपनियों को यह साफ करना चाहिए कि कौन सा ईंधन सुरक्षित है। यह सीधा जनता के हित से जुड़ा विषय है।"
संसद चल पाती है या नहीं
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रिजिजू और गांधी परिवार के बीच हुई यह वार्ता मानसून सत्र का भविष्य तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अगर दोनों पक्षों के बीच बातचीत का कोई सकारात्मक नतीजा निकलता है, तो सदन में जारी रुकावट दूर हो सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें दोपहर 2 बजे के बाद शुरू होने वाली कार्यवाही पर टिकी हैं कि संसद चल पाती है या फिर गतिरोध यूं ही कायम रहता है।