दुर्ग जिले में कांग्रेस नेता और सरपंच पति प्रकाश सिंह कश्यप की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। दुर्ग-धमधा रोड पर लूटपाट के दौरान हुई इस वारदात का खुलासा पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर कर दिया। मामले में एक युवक समेत तीन विधि से संघर्षरत बालकों को पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, धारदार हथियार, पाइप, डंडा और लूटी गई रकम बरामद की है।
देर रात लूट के दौरान किया हमला
पुलिस के मुताबिक, 2 अगस्त 2026 की रात ग्राम तुमाकला निवासी चोवाराम लोधी अपने परिचित भूषण पटेल और प्रकाश सिंह कश्यप के साथ शंकराचार्य अस्पताल जा रहे थे। इसी दौरान करीब रात 2 बजे जब वे दुर्ग-धमधा रोड स्थित जय गजानंद ट्रक श्रृंगार के पास पहुंचे, तभी काले रंग की डिस्कवर मोटरसाइकिल पर सवार चार युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने पहले उनके साथ विवाद किया और फिर डंडों से हमला शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने प्रकाश सिंह कश्यप का मोबाइल और पैसे छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर एक आरोपी ने धारदार हथियार से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। वहीं, अन्य आरोपियों ने चोवाराम लोधी और भूषण पटेल के साथ मारपीट कर करीब चार हजार रुपये लूट लिए और मौके से फरार हो गए। घायल प्रकाश सिंह कश्यप को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालकर पहुंची पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। चौकी जेवरा सिरसा, थाना पुलगांव और एसीसीयू की संयुक्त टीम बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से लेकर दुर्ग, भिलाई, धमधा और आसपास के इलाकों में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।पूछताछ में आरोपियों ने उगला सच
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने हत्या और लूट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, धारदार हथियार, पाइप, डंडा और लूटी गई नगदी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी देर रात सुनसान रास्तों पर राहगीरों को निशाना बनाते थे। वे पहले विवाद की स्थिति बनाते और फिर मारपीट कर लूटपाट करते थे। विरोध करने पर हथियार से हमला कर मौके से भाग जाते थे।
एक युवक समेत तीन बालक हिरासत में
इस मामले में पुलिस ने कादम्बरी नगर निवासी आदर्श उर्फ लाल (19 वर्ष) सहित तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, वाहन या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस के अनुसार, समय पर मिली सूचना अपराधों की रोकथाम और आरोपियों की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाती है।