Monday, 02 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
Mahasamund News: 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से महिला पंच की मौत, विभाग पर लापरवाही का आरोप Electric Shock: हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 8 मजदूरों की मौत, 5 गंभीर रूप से घायल Cyber Crime: बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री ऑनलाइन शेयर करने का मामला, दुर्ग में 6 पर कार्रवाई Mobile Store Theft: मोबाइल स्टोर में 1.89 करोड़ की चोरी, 173 आईफोन लेकर फरार हुए चोर Woman Death Case: कान दर्द का इलाज कराने पहुंची महिला की मौत, एंजियोप्लास्टी के बाद अस्पताल में हंगामा CG News: बेटे का अंतिम संस्कार किया, 17 दिन बाद जिंदा लौटा, आखिर किसका था वह शव Mahasamund News: 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से महिला पंच की मौत, विभाग पर लापरवाही का आरोप Electric Shock: हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 8 मजदूरों की मौत, 5 गंभीर रूप से घायल Cyber Crime: बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री ऑनलाइन शेयर करने का मामला, दुर्ग में 6 पर कार्रवाई Mobile Store Theft: मोबाइल स्टोर में 1.89 करोड़ की चोरी, 173 आईफोन लेकर फरार हुए चोर Woman Death Case: कान दर्द का इलाज कराने पहुंची महिला की मौत, एंजियोप्लास्टी के बाद अस्पताल में हंगामा CG News: बेटे का अंतिम संस्कार किया, 17 दिन बाद जिंदा लौटा, आखिर किसका था वह शव
W 𝕏 f
होम › राष्ट्रीय › Sehore Gas Leak: पुराने सिलेंडरों से फैली जहरीली …
Toxic gas leak(Image Source: AI Photo)
Toxic gas leak(Image Source: AI Photo)
राष्ट्रीय

Sehore Gas Leak: पुराने सिलेंडरों से फैली जहरीली गैस, ग्रामीण परेशान और किसानों को लाखों का नुकसान

Sehore Gas Leak: लसुडिया खास में मौजुद नगरपालिका के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां 48 घंटे के अंदर दो बार क्लोरीन गैस का रिसाव होने से आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया।

स
प्रकाशित: 12 Sep 2026, 02:21 PM · अपडेट: 30 Oct 2026, 11:49 AM
मध्यप्रदेश
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Sehore Gas Leak:  ग्राम लसुडिया खास में मौजुद नगरपालिका के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां 48 घंटे के अंदर दो बार क्लोरीन गैस का रिसाव होने से आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। जहरीली गैस के संपर्क में आने से कई ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई, वहीं खेतों में खड़ी सोयाबीन, तुअर और मक्के की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। 

पहले रिसाव के बाद भी नहीं चेता प्रशासन

पहली घटना के बाद भी नहीं संभली स्थिति, दोबारा हुआ रिसाव जानकारी के मुताबिक, पहली घटना 8 सितंबर की रात को हुई थी। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में रखे क्लोरीन गैस सिलेंडर से रिसाव होने के बाद आसपास के लोगों को आंखों में जलन, घबराहट, चक्कर और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतें होने लगी थीं। लेकिन इसके बाद 10 सितंबर को एक बार फिर प्लांट में क्लोरीन गैस का बड़ा रिसाव हो गया। 
इस बार गैस का असर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच गया। प्लांट के पास से गुजर रहे लोगों और आसपास रहने वाले कई ग्रामीण इसकी चपेट में आ गए। 

गैस से ग्रामीण बीमार, फसलें बर्बाद

ग्रामीण प्रेमजी, अनमोल, रामसभा बाई, केसर सिंह, रीना, मयंक और अभिषेक सहित कई लोगों को खांसी, एलर्जी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत हुई। कुछ लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कई लोगों को छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ लोगों का उपचार अभी भी जारी है। 
गैस रिसाव से किसानों की लाखों की फसल खराब ग्रामीणों का आरोप है कि नगरपालिका की तकनीकी टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के रिसाव वाले सिलेंडर को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की थी। 

पुराने सिलेंडरों से फैली जहरीली गैस

आरोप है कि सिलेंडर को पानी से भरे गड्ढे में डाल दिया गया, जिसके बाद बड़ी मात्रा में क्लोरीन गैस वातावरण में फैल गई। गैस के प्रभाव से आसपास के खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुईं। किसानों के अनुसार, सोयाबीन, तुअर और मक्के की फसल पूरी तरह झुलस गई है, जिससे उन्हें लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है। 
प्लांट में वर्षों से रखे थे पुराने क्लोरीन सिलेंडर मामले की जांच में सामने आया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में लंबे समय से क्लोरीन गैस के पुराने सिलेंडर रखे हुए थे। बताया जा रहा है कि करीब 10 साल से तीन सिलेंडर प्लांट में पड़े थे, जिनमें लगभग 600-600 किलो क्लोरीन गैस भरी हुई थी। 

छह खतरनाक सिलेंडर किए गए रेस्क्यू

ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इन सिलेंडरों को हटाया जाता तो इतनी बड़ी घटना को टाला जा सकता था। प्रशासन ने बुलवाई विशेषज्ञों की टीम, छह सिलेंडर हटाए गए घटना के बाद नगरपालिका प्रशासन ने नागदा स्थित ग्रासिम केमिकल कंपनी की तकनीकी टीम को बुलाया। 
विशेषज्ञों की टीम ने सीहोर जिले के अलग-अलग वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों में रखे छह खतरनाक क्लोरीन गैस सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर बाहर निकाला। 

लापरवाही पर कार्रवाई की मांग

नगरपालिका सीएमओ सुधीर सिंह ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा के जरूरी कदम उठाए गए हैं। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। 
ग्रामीणों का कहना है कि गैस रिसाव की जानकारी समय पर नहीं दी गई, जिससे लोगों की जान और किसानों की फसल दोनों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने प्रभावित किसानों के लिए उचित मुआवजे की मांग भी की है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें