Sehore Gas Leak: ग्राम लसुडिया खास में मौजुद नगरपालिका के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां 48 घंटे के अंदर दो बार क्लोरीन गैस का रिसाव होने से आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। जहरीली गैस के संपर्क में आने से कई ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई, वहीं खेतों में खड़ी सोयाबीन, तुअर और मक्के की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है।
पहले रिसाव के बाद भी नहीं चेता प्रशासन
पहली घटना के बाद भी नहीं संभली स्थिति, दोबारा हुआ रिसाव जानकारी के मुताबिक, पहली घटना 8 सितंबर की रात को हुई थी। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में रखे क्लोरीन गैस सिलेंडर से रिसाव होने के बाद आसपास के लोगों को आंखों में जलन, घबराहट, चक्कर और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतें होने लगी थीं। लेकिन इसके बाद 10 सितंबर को एक बार फिर प्लांट में क्लोरीन गैस का बड़ा रिसाव हो गया।
इस बार गैस का असर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच गया। प्लांट के पास से गुजर रहे लोगों और आसपास रहने वाले कई ग्रामीण इसकी चपेट में आ गए।
गैस से ग्रामीण बीमार, फसलें बर्बाद
ग्रामीण प्रेमजी, अनमोल, रामसभा बाई, केसर सिंह, रीना, मयंक और अभिषेक सहित कई लोगों को खांसी, एलर्जी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत हुई। कुछ लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कई लोगों को छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ लोगों का उपचार अभी भी जारी है।
गैस रिसाव से किसानों की लाखों की फसल खराब ग्रामीणों का आरोप है कि नगरपालिका की तकनीकी टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के रिसाव वाले सिलेंडर को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
पुराने सिलेंडरों से फैली जहरीली गैस
आरोप है कि सिलेंडर को पानी से भरे गड्ढे में डाल दिया गया, जिसके बाद बड़ी मात्रा में क्लोरीन गैस वातावरण में फैल गई। गैस के प्रभाव से आसपास के खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुईं। किसानों के अनुसार, सोयाबीन, तुअर और मक्के की फसल पूरी तरह झुलस गई है, जिससे उन्हें लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्लांट में वर्षों से रखे थे पुराने क्लोरीन सिलेंडर मामले की जांच में सामने आया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में लंबे समय से क्लोरीन गैस के पुराने सिलेंडर रखे हुए थे। बताया जा रहा है कि करीब 10 साल से तीन सिलेंडर प्लांट में पड़े थे, जिनमें लगभग 600-600 किलो क्लोरीन गैस भरी हुई थी।
छह खतरनाक सिलेंडर किए गए रेस्क्यू
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इन सिलेंडरों को हटाया जाता तो इतनी बड़ी घटना को टाला जा सकता था। प्रशासन ने बुलवाई विशेषज्ञों की टीम, छह सिलेंडर हटाए गए घटना के बाद नगरपालिका प्रशासन ने नागदा स्थित ग्रासिम केमिकल कंपनी की तकनीकी टीम को बुलाया।
विशेषज्ञों की टीम ने सीहोर जिले के अलग-अलग वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों में रखे छह खतरनाक क्लोरीन गैस सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर बाहर निकाला।
लापरवाही पर कार्रवाई की मांग
नगरपालिका सीएमओ सुधीर सिंह ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा के जरूरी कदम उठाए गए हैं। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गैस रिसाव की जानकारी समय पर नहीं दी गई, जिससे लोगों की जान और किसानों की फसल दोनों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने प्रभावित किसानों के लिए उचित मुआवजे की मांग भी की है।

