Wednesday, 04 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
CG News: हाइवा में आग लगते ही मचा हड़कंप, ड्राइवर की सूझबूझ से बची जान Mahadev Betting App: सौरभ चंद्राकर रायपुर कोर्ट में पेश, बढ़ेगी पूछताछ, हवाला नेटवर्क और रसूखदारों पर नजर Korba News: महुआ शराब जब्ती के दौरान आबकारी टीम से मारपीट, दो महिलाएं गिरफ्तार School News: परिसर में मासूम को फेंकने और झूठे केस में फंसाने की धमकी का वीडियो वायरल Road Accident: तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से युवक और युवती की मौत Raipur News: पारिवारिक विवाद में मां से दूर हुआ एक साल का मासूम, पुलिस ने जन्मदिन पर ही वापस दिलाई खुशियां CG News: हाइवा में आग लगते ही मचा हड़कंप, ड्राइवर की सूझबूझ से बची जान Mahadev Betting App: सौरभ चंद्राकर रायपुर कोर्ट में पेश, बढ़ेगी पूछताछ, हवाला नेटवर्क और रसूखदारों पर नजर Korba News: महुआ शराब जब्ती के दौरान आबकारी टीम से मारपीट, दो महिलाएं गिरफ्तार School News: परिसर में मासूम को फेंकने और झूठे केस में फंसाने की धमकी का वीडियो वायरल Road Accident: तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से युवक और युवती की मौत Raipur News: पारिवारिक विवाद में मां से दूर हुआ एक साल का मासूम, पुलिस ने जन्मदिन पर ही वापस दिलाई खुशियां
W 𝕏 f
होम › नारायणपुर › अंजरेल गांव में लाल पानी का कहर, खेतों में भरा जह…
लाल पानी से बर्बाद फसल
लाल पानी से बर्बाद फसल
नारायणपुर

अंजरेल गांव में लाल पानी का कहर, खेतों में भरा जहरीला पानी और फसल बर्बाद

नारायणपुर के अंजरेल गांव में रावघाट खदान क्षेत्र से बहकर आए लाल पानी ने किसानों की फसलें बर्बाद कर दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों में दूषित पानी भरने से खेती प्रभावित हुई है और पेयजल संकट भी बना हुआ है। प्रशासन ने सर्वे कर आरबीसी के तहत मुआवजा देने और पेयजल समस्या दूर करने का आश्वासन दिया है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 04 Aug 2026, 05:29 PM · अपडेट: 23 Oct 2026, 08:09 AM
नारायणपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित अंजरेल गांव इन दिनों गंभीर समस्या से जूझ रहा है। कोडगांव ग्राम पंचायत के आश्रित इस गांव में रावघाट पहाड़ी की तलहटी से निकल रहा लाल पानी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। बीएसपी की रावघाट परियोजना के नजदीक होने के बावजूद ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए नाले पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
बारिश के बाद खदान क्षेत्र से बहकर आया लाल पानी अब खेतों तक पहुंच गया है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन फसल खराब होने के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, किसानों ने बीएसपी प्रबंधन और प्रशासन से नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।

ग्रामीणों ने समस्याओं की समाधान की मांग की

ग्रामीण लखन नूरेटी ने बताया कि रावघाट खदान शुरू होने से पहले ही प्रबंधन को गांव की समस्याओं से अवगत कराया गया था। ग्रामीणों ने मांग की थी कि परियोजना शुरू करने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी की जाएं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण खदान परियोजना के विरोध में नहीं हैं, लेकिन उनकी मूलभूत समस्याओं का समाधान होना चाहिए। वर्तमान में गांव में साफ पेयजल की समस्या बनी हुई है और खेतों में लाल पानी भरने से फसल पूरी तरह खराब हो गई है जिससे खेतों में रहने वाले छोटे जीव-जंतु भी मर गए हैं और दुर्गंध फैल रही है। लखन नूरेटी ने बताया कि गरीब किसान बैंक से कर्ज लेकर खेती करते हैं। ऐसे में फसल बर्बाद होने के बाद कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

खदान क्षेत्र से बहकर आया लाल पानी

ग्रामीण हेमू दुग्गा ने बताया कि करीब चार-पांच साल पहले रावघाट माइंस की शुरुआत बीएसपी और जिला प्रशासन के सहयोग से हुई थी। उस समय ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया था कि खेतों को नुकसान से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे और चेक डैम बनाए जाएंगे। लेकिन इस बारिश में खदान क्षेत्र से बहकर आया लाल पानी और मलबा खेतों में पहुंच गया, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। उन्होंने बताया कि गांव के लोग पीढ़ियों से इन जमीनों पर खेती करते आ रहे हैं और अब फसल खराब होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने बीएसपी प्रबंधन और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित खेतों को दुरुस्त कराया जाए और खराब हुई फसल का उचित मुआवजा दिया जाए।

प्रभावित किसानों को मुआवजे देने का दिया भरोसा

इस मामले में अपर कलेक्टर ने बताया कि जिले में इस वर्ष 453 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है और अधिक बारिश के कारण कई क्षेत्रों में समस्याएं सामने आई हैं। अंजरेल क्षेत्र के किसानों ने भी खेतों में लाल पानी पहुंचने से फसल नुकसान की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन, पटवारी, एआरआई, सरपंच और बीएसपी प्रबंधन को जानकारी दी गई है। प्रभावित किसानों को आरबीसी के प्रावधानों के अनुसार प्रति हेक्टेयर 18 हजार रुपए की दर से मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए पीएचई विभाग से संपर्क किया गया है। जल्द ही प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी भेजी जाएगी, ताकि ग्रामीणों की अन्य समस्याओं का समाधान किया जा सके।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें