School News: जिले की ग्यारसपुर तहसील के धामनोद स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से एक बेहद हैरान करने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। स्कूल के संकुल प्राचार्य पर न केवल एक युवक से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है, बल्कि उसने गुस्से में आकर एक मासूम बच्ची को उठाकर फेंक दिया और युवक को हत्या के झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद ग्राम हैदरगढ़ के धामनोद स्कूल का है। यहां पदस्थ संकुल प्राचार्य कमल सिंह मीणा पर स्थानीय निवासी खुमान सिंह ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। खुमान सिंह के अनुसार, कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रथम आने वाली एक छात्रा को सरकारी योजना के तहत स्कूटी और लैपटॉप मिलना था। आरोप है कि संकुल प्राचार्य इसी का लाभ जल्द दिलाने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे थे। युवक ने प्राचार्य की इस करतूत का एक वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। जैसे ही प्राचार्य को इस बात की भनक लगी, वे उस वीडियो को डिलीट करने के लिए युवक पर लगातार दबाव बनाने लगे।
वीडियो डिलीट न करने पर गुस्से में उठाया खौफनाक कदम
युवक का कहना है कि जब उसने वीडियो हटाने से इनकार किया, तो प्राचार्य का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आरोप है कि गुस्से में आकर प्राचार्य ने स्कूल परिसर में खेल रही एक 3 साल की मासूम बच्ची को उठाकर जमीन पर पटक दिया (हालांकि युवक ने फुर्ती दिखाते हुए उसे बीच में ही संभाल लिया)। इतना ही नहीं, इसके बाद प्राचार्य ने युवक को जान से मारने की धमकी दी और यहां तक कहा कि यदि उसने बात नहीं मानी, तो उसे किसी हत्या के झूठे मामले में जेल भिजवा देंगे। खौफ और डर के कारण युवक ने आखिरकार वह रिश्वत मांगने वाला वीडियो डिलीट कर दिया। हालांकि, बाद में उसने हिम्मत जुटाकर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मीडिया को दी और अब जाकर यह सच सामने आया है।शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान, जांच टीम गठित
सोशल मीडिया पर एक महीने पुराना बताया जा रहा यह वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एनके अहिरवार ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जा रहा है। शिक्षा विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद प्राचार्य के खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।






