घरेलू शेयर बाजार ने हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शानदार शुरुआत की। सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 500 अंक से ज्यादा की तेजी देखने को मिली, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 इंडेक्स 24,500 के स्तर को पार कर गया। बाजार में यह लगातार चौथा सत्र है, जब तेजी का सिलसिला जारी रहा। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर सकारात्मक रूप से दिखाई दिया।
सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत उछाल
सुबह करीब 9:25 बजे बीएसई सेंसेक्स 491.33 अंक यानी 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ 78,585.97 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी50 इंडेक्स 150.40 अंक यानी 0.62 फीसदी की तेजी के साथ 24,534 अंक पर पहुंच गया। इस बीच भारतीय रुपये में भी मजबूती देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया 0.25 फीसदी की बढ़त के साथ 95.1450 के स्तर पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.38 पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयरों में तेजी
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर बढ़त के साथ खुले। इनमें देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो का शेयर सबसे ज्यादा फायदे में रहा और इसमें करीब 3.45 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा टाटा स्टील, आईटीसी, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, इंफोसिस, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स और बीईएल जैसे प्रमुख शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, टाइटन और सन फार्मा के शेयरों में शुरुआती कारोबार में गिरावट रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़त
ब्रॉडर मार्केट में भी निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.42 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.54 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
सेक्टर के लिहाज से देखें तो निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी मेटल इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, निफ्टी मीडिया इंडेक्स में कमजोरी देखने को मिली।
कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को सहारा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने भी भारतीय बाजार को मजबूती दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ बातचीत शुरू होने के संकेत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 5 फीसदी गिरकर 83.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड में भी 5.67 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 79.87 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
निवेशकों की नजर आगे के वैश्विक संकेतों पर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, रुपये में मजबूती और वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीद से भारतीय शेयर बाजार को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, आगे की दिशा वैश्विक बाजारों के रुख और आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी।