Shahi Masjid Ujjain: शहर के अब्दालपुरा क्षेत्र में सोमवार (28 सितंबर) को उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान अचानक भीड़ ने पुलिस और प्रशासनिक टीम पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। उपद्रव और अफवाह फैलाने के आरोप में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है, जिसमें 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामला दर्ज कराने वालों में शहर काजी की शिकायत भी शामिल है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम को भड़काने में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही। एफआईआर में दर्ज 10 आरोपियों में 5 लोकल सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी शामिल हैं। आरोप है कि इन्होंने इंटरनेट पर यह अफवाह फैला दी कि "मस्जिद गिराई जा रही है"। इस भ्रामक खबर के बाद मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई और असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। प्रशासन अब इन सभी के सोशल मीडिया अकाउंट्स और गतिविधियों की जांच कर रहा है।
हाई कोर्ट ने खारिज की थी याचिका
उल्लेखनीय है कि शाही मस्जिद कमेटी ने सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की थी। हालांकि, अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए जिला प्रशासन की सड़क चौड़ीकरण प्रक्रिया को उचित ठहराया। इसके बाद जिला प्रशासन और मस्जिद समिति के बीच बातचीत हुई, जिसमें मस्जिद के अग्रिम 3 फुट हिस्से को स्वेच्छा से हटाने पर सहमति बनी थी।क्यों हो रही है चौड़ीकरण की कार्रवाई?
उज्जैन में गोपाल मंदिर से कंठाल चौराहे के बीच लगभग 900 मीटर लंबी सड़क को 15 से बढ़ाकर 24 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। इसी विकास कार्य की जद में शाही मस्जिद का एक छोटा हिस्सा आ रहा है। बवाल शांत होने के बाद अब स्थानीय लोगों ने खुद ही सहमति के मुताबिक मस्जिद के उस हिस्से को हटाना शुरू कर दिया है। फिलहाल क्षेत्र में शांति है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे इलाके में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है।

