Rahul Gandhi के 'पितृसत्ता खत्म करने' (स्मैश द पैट्रियार्की) वाले बयान पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व नेता और पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए उनकी पार्टी के भीतर की स्थिति को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पूनावाला ने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए राहुल गांधी को गैर-जरूरी बयानबाजी बंद करने और पहले अपनी पार्टी के अंदर झांकने की नसीहत दी है।
राहुल गांधी के ट्वीट को वीडियों में किया शामिल
शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कांग्रेस और राहुल गांधी को आईना दिखाने का प्रयास किया है। उन्होंने राहुल गांधी के उस हालिया ट्वीट को अपने वीडियो में शामिल किया है जिसमें कांग्रेस नेता ने लिखा था कि ‘महिलाएं भारत की शक्ति हैं—इसका आधार, इसका वर्तमान और इसका भविष्य। अपनी जगह के लिए लड़ें और पितृसत्ता को तोड़ दें।
राहुल गांधी में दोहरा रवैया का आरोप
इस पर पलटवार करते हुए पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी को दूसरों को उपदेश देने से पहले अपने परिवार और अपनी पार्टी में पितृसत्तात्मक सोच को खत्म करना चाहिए।पूनावाला ने राहुल गांधी के स्टैंड पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी और संदीप दीक्षित जैसे नेता एक मंच पर खड़े होकर इटली की महिला प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ आपत्तिजनक, महिला-विरोधी और पितृसत्तात्मक टिप्पणियां करते हैं, तब उनकी 'स्मैश द पैट्रियार्की' की बातें बेमानी साबित होती हैं।ये भी पढ़े... निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर कसा तंज, कहा- प्रियंका आपसे ज्यादा समझदार, उन्हें अपनी गद्दी दे दीजिए
अपने घर से स्थापति करें समानता
कांग्रेस के अंदरूनी नेतृत्व पर हमला बोलते हुए पूर्व बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि पार्टी में बेटे को आगे बढ़ाने के चक्कर में बेटी के हक को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने घर में तो समानता स्थापित नहीं कर पा रहे हैं और बाहर ज्ञान बांट रहे हैं। उन्होंने चुनौती दी कि अगर कांग्रेस वाकई महिला सशक्तीकरण की बात करती है तो प्रियंका गांधी को पार्टी के मुख्य नेतृत्व में आगे लाए।
कई नेता कास्टिंग काउच के हुए शिकार
अपने बयान में पूनावाला ने कांग्रेस से जुड़े कुछ पुराने विवादों का जिक्र करते हुए पार्टी के भीतर महिलाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शारदा राठौर से लेकर सिमोन रोजवेल जॉन तक, जो महिलाएं यौन उत्पीड़न या कास्टिंग काउच का शिकार हुईं, उनके मुद्दों पर पार्टी क्यों चुप रही? इसके अलावा, पूनावाला ने कांग्रेस पर हिंदू रीति-रिवाजों और मनुस्मृति को महिला-विरोधी बताकर निशाना साधने, लेकिन हिजाब, हलाला, शाहबानो केस और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे संवेदनशील मुद्दों पर मौन साधने का आरोप भी लगाया।